“इंद्रधनुष” को परिधान में समेटे रूसी युवती की शीत्सांग में बांगदेन शिल्प से परिचय
बांगदेन तिब्बती पारंपरिक वेशभूषा का एक प्रमुख अलंकरण है, जिसे ऊनी बुने हुए एप्रन के रूप में भी जाना जाता है। वर्ष 2006 में तिब्बती बांगदेन बुनाई शिल्प को चीन की राष्ट्रीय अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में शामिल किया गया। शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के शाननान शहर की गोंग्गा काउंटी का जेदेश्यो टाउन “बांगदेन के प्रमुख केंद्र” के रूप में प्रसिद्ध है। बहुरंगी क्षैतिज धारियों से सुसज्जित इसका वस्त्र ऐसा प्रतीत होता है मानो कमर पर इंद्रधनुष बांध दिया गया हो, जो अपनी रंगीन आभा से विशेष आकर्षण बिखेरता है।
पारंपरिक तिब्बती परिधान धारण कर और कमर पर बांगदेन बांधकर एक रूसी युवती प्राचीन करघे पर बैठती है। धागों को पिरोते हुए और ताने-बाने को बुनते हुए वह अपने हाथों से रंग-बिरंगी “इंद्रधनुषी” बुनावट तैयार करती है। इस अनुभव के माध्यम से वह अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े पारंपरिक शिल्प का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त कर तिब्बती संस्कृति की समृद्ध विरासत से परिचित होती है।