चीन में पहली बार विश्व-दुर्लभ प्रवाल भित्ति “ब्लू होल” की खोज

हुआंगयान द्वीप का ब्लू होल। (चीनी पारिस्थितिक पर्यावरण मंत्रालय)
अगस्त 2025 में चीन के पारिस्थितिक पर्यावरण मंत्रालय के दक्षिण चीन पर्यावरण विज्ञान अनुसंधान संस्थान ने कुआंगशी विश्वविद्यालय की दक्षिण चीन सागर प्रवाल भित्ति अनुसंधान प्रमुख प्रयोगशाला तथा अन्य संबंधित संस्थानों के साथ मिलकर हुआंगयान द्वीप के समुद्री क्षेत्र में पारिस्थितिक पर्यावरण की मैदानी जांच की। इस दौरान हुआंगयान द्वीप के लैगून में चीन का पहला प्राकृतिक रूप से विकसित प्रवाल भित्ति-निर्माण संरचना वाला समुद्री ब्लू होल (समुद्र के बीचोंबीच बने विशाल गोलाकार गढ़ा) खोजा गया। यह सानशा के योंगले ड्रैगन ब्लू होल (चूना-पत्थर विघटन से निर्मित समुद्री ब्लू होल) के बाद चीन के अधिकार-क्षेत्र वाले समुद्री क्षेत्रों में खोजा गया दूसरा समुद्री ब्लू होल है।
मैदानी सर्वेक्षण के अनुसार, हुआंगयान द्वीप ब्लू होल का मुख लगभग 1,491.7 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में फैला है। इसका अधिकतम व्यास 56.3 मीटर तथा गहराई 16.6 मीटर है। इसकी आंतरिक संरचना फ़नल के आकार की है, जबकि तल अपेक्षाकृत संकरा है। इसके भीतर जल की पारदर्शिता में स्पष्ट स्तरीय विभाजन पाया गया है। भू-कालक्रम संबंधी प्रारंभिक अध्ययन से संकेत मिलता है कि यह ब्लू होल कम-से-कम 3,200 वर्ष पूर्व अस्तित्व में आया था।
रिपोर्ट के अनुसार, हुआंगयान द्वीप ब्लू होल तथा इसके आसपास का समुद्री क्षेत्र जैव विविधता से अत्यंत समृद्ध है। ब्लू होल के भीतर प्रवाल, विशाल शंख, विभिन्न प्रकार की मछलियां, समुद्री स्पंज तथा समुद्री एनीमोन जैसे अन्य प्रवाल भित्तियों के विशिष्ट जैविक समूह पाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, ब्लू होल तथा उसके आसपास के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्रथम श्रेणी के संरक्षित वन्य जीव हरे समुद्री कछुए की गतिविधियां भी दर्ज की गई हैं। पिछले दो वर्षों के सर्वेक्षणों में आसपास के समुद्री क्षेत्र में प्रवाल भित्ति निर्मित करने वाली कठोर प्रवाल की 165 प्रजातियां तथा मछलियों की 184 प्रजातियां दर्ज की गई हैं। वहीं, पर्यावरणीय डीएनए प्रौद्योगिकी के माध्यम से 2,700 से अधिक समुद्री जीव प्रजातियों की पहचान की गई है।