2025 में चीन के अपतटीय पवन ऊर्जा का नया ग्रिड-कनेक्टेड पावर वैश्विक कुल का 78%

अपतटीय पवन ऊर्जा। (VCG)
'अपतटीय पवन ऊर्जा समीक्षा और दृष्टिकोण' रिपोर्ट बुधवार को पूर्वी चीन के शांगहाई शहर में जारी की गई। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन के अपतटीय पवन ऊर्जा का नया ग्रिड-कनेक्टेड पावर वैश्विक कुल का 78% रहा, जो दुनिया में पहले स्थान पर है।
2025 में वैश्विक अपतटीय पवन ऊर्जा का नया ग्रिड-कनेक्टेड पावर 92 लाख 52 हज़ार किलोवाट तक पहुंच गया, जो साल-दर-साल 16% अधिक है। इसमें चीनी बाजार ने 71 लाख 92 हज़ार किलोवाट का योगदान दिया, जो 78% है। 2025 के अंत तक, वैश्विक अपतटीय पवन ऊर्जा की संचयी ग्रिड-कनेक्टेड क्षमता 9 करोड़ 24 लाख 75 हज़ार किलोवाट था, जिसमें चीन का 5 करोड़ 20 लाख 42 हज़ार किलोवाट का योगदान था, जो वैश्विक कुल का 56% है।
चीन नवीकरणीय ऊर्जा सोसायटी पवन ऊर्जा विशेष समिति के महासचिव छिन हाईयान ने कहा कि पिछले साल के अंत तक, चीन की संचयी स्थापित अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता 4 करोड़ 70 लाख किलोवाट तक पहुंच गई। '15वीं पंचवर्षीय योजना' (2026-2030) के दौरान, चीन सालाना डेढ़ करोड़ किलोवाट से अधिक नई अपतटीय पवन ऊर्जा स्थापित करेगा, और 2030 तक संचयी स्थापित क्षमता 10 करोड़ किलोवाट तक पहुंच जाएगी।
स्केल में अग्रणी होने के साथ-साथ, चीन की अपतटीय पवन ऊर्जा तकनीक भी तेजी से विकसित हो रही है। 2025 में, चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित दुनिया की सबसे बड़ी 26-मेगावाट परीक्षण मशीन ग्रिड से जुड़ गई।
वैश्विक पवन ऊर्जा परिषद के रणनीति निदेशक चाओ फंग ने कहा कि चीन वैश्विक अपतटीय पवन ऊर्जा में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुमान है कि अगले दशक में दुनिया भर में जितनी भी नई अपतटीय पवन ऊर्जा क्षमता जुड़ेगी, उसका आधे से अधिक हिस्सा चीन से होगा।
बता दें कि चीन की '15वीं पंचवर्षीय योजना' (2026-2030) में बोहाई सागर, पीला सागर, पूर्वी चीन सागर और दक्षिण चीन सागर में अपतटीय पवन ऊर्जा आधार बनाने और गहरे समुद्र में अपतटीय पवन ऊर्जा विकास को विनियमित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 2030 तक कुल संचयी ग्रिड-कनेक्टेड क्षमता 10 करोड़ किलोवाट से अधिक हो जाएगी।