चीनी विदेश मंत्री ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री से फोन पर बातचीत की

(CRI)14:13:17 2026-06-17

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने 16 जून की शाम पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक़ डार से फोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने ईरान-अमेरिका वार्ता और मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।

इशाक़ डार ने वांग यी को ईरान और अमेरिका के बीच हुए पहले चरण के समझौता ज्ञापन की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने पिछले कुछ महीनों के दौरान पाकिस्तान के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों को चीन द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। डार ने कहा कि पाकिस्तान, चीन के साथ निकट संवाद और समन्वय जारी रखना चाहता है ताकि शांति वार्ता की मौजूदा गति बनी रहे और क्षेत्र में स्थायी शांति तथा स्थिरता स्थापित की जा सके।

वांग यी ने ईरान और अमेरिका के बीच पहले चरण के समझौता ज्ञापन को संभव बनाने में पाकिस्तान की भूमिका की सराहना करते हुए उसे बधाई दी। उन्होंने कहा कि शांति के लिए प्रयास करना चीन और पाकिस्तान सहित सभी देशों की साझा अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक शांति की संभावना बनी हुई है, तब तक संवाद और प्रयास जारी रखना आवश्यक है।

वांग यी ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से चीन सभी संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए हुए है और युद्ध रोकने तथा शांति को बढ़ावा देने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि चीन ने शुरू से ही पाकिस्तान के प्रयासों का समर्थन किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान को एक भरोसेमंद मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सहमति अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। उनके अनुसार, मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के लिए सभी पक्षों को लगातार प्रयास करने होंगे। वांग यी ने यह भी कहा कि वार्ता का दूसरा चरण पहले चरण की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन अब टकराव और बल प्रयोग की पुरानी राह पर लौटना किसी के हित में नहीं है।

वांग यी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ईरान-अमेरिका वार्ता का समर्थन करने की अपील की और कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद जैसी बहुपक्षीय संस्थाओं को इसमें अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन हमेशा यह मानता रहा है कि क्षेत्रीय देशों को अपने भविष्य और सुरक्षा से जुड़े फैसले स्वयं करने चाहिए तथा संवाद और परामर्श के माध्यम से साझा शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था विकसित करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि शांति का द्वार खुल चुका है और इसे दोबारा बंद नहीं होने देना चाहिए। मध्य पूर्व लंबे समय से संघर्षों का सामना कर रहा है और वहां के लोग शांति के हकदार हैं। वांग यी ने कहा कि चीन, पाकिस्तान के साथ मिलकर युद्ध-विराम और शांति को बढ़ावा देने के प्रयास जारी रखेगा, वार्ता को आगे बढ़ाने में सहयोग देता रहेगा और मध्य पूर्व में जल्द से जल्द शांति, स्थिरता तथा विकास की बहाली के लिए लगातार काम करेगा।