ह्वांगथोंग–पाइसे रेलवे के क्वांगशी खंड का पहला सतत गर्डर पुल सफलतापूर्वक पूरा
हाल ही में, अंतिम कंक्रीट के डाले जाने के साथ ही, नवनिर्मित कुइचोउ प्रान्त के ह्वांगथोंग से ग्वांग्शी प्रान्त के पाइसे रेलवे (संक्षेप में “ह्वांग-पाइ रेलवे”) के क्वांगशी रेलखंड में चनहोंग नदी पर बने मुख्य सतत गर्डर पुल का अंतिम खंड सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह सफलता इस खंड का पहला सतत गर्डर पुल निर्माण कार्य पूरा होने का प्रतीक है और परियोजना के पुल की ऊपरी संरचना निर्माण में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई है। इसके साथ ही, आगे की पुल निर्माण और पटरी बिछाने के कार्यों के लिए मजबूत आधार तैयार किया गया।
चनहोंग नदी पुल ग्वांग्शी के पाइसे शहर के लिंगयून काउंटी में स्थित है जिसकी कुल लंबाई 476 मीटर है। इस पुल में पूर्ण किए गए सतत गर्डर पुल का स्पैन 88 मीटर है, जो यिनछुआन–पाइसे एक्सप्रेसवे और चनहोंग नदी क्षेत्र दोनों को पार करता है। पुल का ऊपरी ढांचा जमीन से लगभग 70 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है, जो इसे क्वांगशी रेलखंड के सबसे चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग कार्यों में शामिल करता है। सतत गर्डर पुल निर्माण कार्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और यिनछुआन–पाइसे एक्सप्रेसवे पर वाहनों के सामान्य संचालन को बनाए रखने के लिए निर्माण दल ने “पहले मुख्य स्पैन, फिर किनारे के स्पैन” की कार्यप्रणाली अपनाई, जिससे गर्डर पुल के ढांचे में विकृति और आंतरिक बलों के असंतुलन जैसे जोखिमों को प्रभावी ढंग से टाला जा सका। साथ ही, निर्माण क्षेत्र में हँगर-बास्केट और पूर्ण सुरक्षा कवच का प्रयोग किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे पर कार्य का प्रभाव न्यूनतम किया जा सका।
लगभग 315 किलोमीटर लंबी ह्वांगथोंग–पाइसे रेलवे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अभिकल्पित गति के साथ पश्चिमी “थल-समुद्र” नवीन गलियारे की एक प्रमुख परियोजनाओं में से एक है, जिसके वर्ष 2028 में पूर्ण रूप से चालू होने की संभावना है। परिचालन शुरू होने के बाद यह कुइचोउ प्रान्त के उत्तरी क्षेत्रों और ग्वांग्शी के पेइपू खाड़ी क्षेत्र के बीच एक सुविधाजनक संपर्क मार्ग प्रदान करेगी। साथ ही, यह पश्चिमी थल-समुद्र नवीन गलियारे के निर्माण को गति देने तथा क्षेत्रीय आर्थिक और सामाजिक विकास के समन्वित विस्तार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
