पिंगलू नहर में पूर्ण जलप्रवाह शुरू, दक्षिण-पश्चिम में नदियों से समुद्र तक सीधा जलमार्ग संभव

3 जून को पिंगलू नहर के माताओ और छीशी जल-नियंत्रण केंद्र में जल भराव का दृश्य, नहर पूरी तरह जलमग्न होकर जल परीक्षण चरण में प्रवेश। (शिन्हुआ समाचार एचेंंसी)
पिंगलू नहर पश्चिमी “भूमि-समुद्र नये गलियारा” का एक प्रमुख आधारभूत परियोजना है, जिसकी कुल लंबाई 134.2 किलोमीटर है। यह नहर उत्तर में क्वांगशी प्रांत के हेंगचोउ शहर के पिंगथांग नदीमुख से शुरू होकर छिनचोउ शहर के लिंगशान काउंटी के लूवू कस्बे से गुजरते हुए छिन नदी के मार्ग से चीन के उत्तरी खाड़ी तक पहुँचती है।
यह परियोजना नये चीन की स्थापना के बाद से देश की पहली ऐसी राष्ट्रीय स्तर पर समन्वित नहर परियोजना है, जो नदियों को समुद्र से जोड़ती है। पिंगलू नहर के माध्यम से पश्चिमी नदियों और उत्तरी खाड़ी के बीच सीधा जल संपर्क स्थापित हुआ है, जिससे यह दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र का सबसे छोटा, सबसे किफायती और सबसे सुविधाजनक समुद्र तक पहुँचने वाला मार्ग बन गया है।

3 जून को पिंगलू नहर के माताओ और छीशी जल-नियंत्रण केंद्र में जल भराव का दृश्य, नहर पूरी तरह जलमग्न होकर जल परीक्षण चरण में प्रवेश। (शिन्हुआ समाचार एचेंंसी)
बता दें कि पिंगलू नहर का निर्माण कार्य अगस्त 2022 में शुरू हुआ और इस साल सितंबर तक इसके पूर्ण संचालन की उम्मीद है। नहर की उद्गम से लेकर मुहाने तक जलस्तर का अंतर 65 मीटर है। इस जलस्तर अंतर को पार करने और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परियोजना में माताओ, छिशी और छिंगनियान नामक तीन प्रमुख चरणबद्ध जल-नियंत्रण केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें जहाजों के लिए “जल पर लिफ्ट” भी कहा जा सकता है।

3 जून को पिंगलू नहर के माताओ और छीशी जल-नियंत्रण केंद्र में जल भराव का दृश्य, नहर पूरी तरह जलमग्न होकर जल परीक्षण चरण में प्रवेश। (शिन्हुआ समाचार एचेंंसी)
पिंगलू नहर चीन की सर्वाधिक नौवहन क्षमता वाली नहर है, जिस पर 5,000 टन क्षमता तक के जहाज़ों का आवागमन संभव है। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र से निकलने वाला माल पिंगलू नहर के माध्यम से समुद्र तक पहुंचने पर, पहले की तुलना में लगभग 560 किलोमीटर की अंतर्देशीय जलमार्ग दूरी कम कर सकता है। पिंगलू नहर को “शत-सेतु परियोजना” के नाम से भी जाना जाता है। नहर के पूरे मार्ग पर कुल 104 पुल स्थित हैं, जिनमें 27 प्रमुख पुल सीधे नहर के ऊपर निर्मित किए गए हैं। इनमें वन्य जीवों के आवागमन के लिए विशेष रूप से निर्मित पशु-पारगमन पुल भी शामिल हैं, वहीं नहर के दोनों तटों के बीच संपर्क और विकास को बढ़ावा देने वाले जनकल्याणकारी पुल भी बनाए गए हैं। जहाज़ों के आवागमन के शुरू होने के बाद, पिंगलू नहर युन्नान, कुइचोउ और छोंगछिंग सहित दक्षिण-पश्चिमी आंतरिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी तथा अंतर्देशीय क्षेत्रों और विदेशों के बीच नदी तथा समुद्र से जुड़ा एक द्विदिश संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगी। इससे चीन, आसियान देशों और विश्व के अन्य क्षेत्रों के साथ व्यापारिक आदान-प्रदान को और अधिक सुविधा मिलने की अपेक्षा है।