चीन-अमेरिका मीडिया विवाद के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार: चीनी विदेश मंत्रालय

चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 3 जून को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित किया।
चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने 3 जून को राजधानी पेइचिंग में आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चीन और अमेरिका के बीच मीडिया संबंधी विवाद को भड़काने वाला अमेरिका ही है।
हाल ही में अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने आरोप लगाया था कि चीन अमेरिकी मीडिया के साथ पारस्परिक व्यवहार नहीं कर रहा है। उनका कहना था कि चीन लंबे समय से विदेशी पत्रकारों, विशेषकर अमेरिकी पत्रकारों, पर विभिन्न प्रतिबंध लगाता रहा है।
इन आरोपों के जवाब में माओ निंग ने कहा कि पारस्परिक व्यवहार के मुद्दे पर अमेरिका का रवैया ही चीन की चिंता का कारण है। उन्होंने कहा, “दोनों देशों के बीच तीन समझौतों पर सहमति बनने के बाद से चीन ने उन्हें पूरी तरह लागू किया है और अमेरिकी पत्रकारों को चीन में रिपोर्टिंग यात्राओं के लिए वीजा तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं।”
माओ निंग ने आरोप लगाया कि इसके विपरीत अमेरिका में तैनात चीनी पत्रकारों के सामान्य रिपोर्टिंग अधिकारों पर कड़ी पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि लगभग किसी भी चीनी पत्रकार को व्हाइट हाउस अधिकारियों के साथ आमने-सामने साक्षात्कार का अवसर नहीं दिया जाता। साथ ही, वीजा और निवास परमिट में बिना कारण देरी की जाती है और कई पत्रकारों को चीन लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा है। साथ ही, अमेरिका में अल्पकालिक रिपोर्टिंग यात्राओं के लिए शायद ही कभी अनुमति मिलती है। उन्होंने सवाल किया, “क्या इसे समान व्यवहार कहा जा सकता है?”
माओ निंग ने यह भी कहा कि अमेरिका अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करता है, लेकिन वहां चीनी मीडिया संस्थानों को “विदेशी एजेंट” और “विदेशी मिशन” जैसे राजनीतिक टैग लगाकर बदनाम किया जाता है। उन्होंने पूछा कि क्या अमेरिका इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मानता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका को दोनों पक्षों के बीच बनी सहमति को लागू करना चाहिए और अमेरिका में सामान्य रूप से काम कर रहे चीनी पत्रकारों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।