उत्तरी शीत्सांग के घासस्थलों में बिखरी मनोहारी छटा
गहरे नीले आकाश के नीचे तैरते बादल, हिमाच्छादित पर्वतों, हरे-भरे घासस्थलों और निर्मल जलराशियों के साथ मिलकर एक मनोहारी दृश्य प्रस्तुत करते हैं। जून माह में उत्तरी शीत्सांग का घासस्थल बर्फ के पिघलने और प्रकृति के पुनर्जागरण का साक्षी बनता है, जहाँ नवांकुरित हरियाली और सहस्राब्दियों से अडिग हिमशिखर एक साथ दिखाई देते हैं। दूर-दूर तक फैली धरती मानो हरे मखमली कालीन का रूप ले चुकी हो, जिसके बीच से होकर बहने वाली घुमावदार नदियाँ नीले रेशमी धागों की भाँति प्रतीत होती हैं, जो रत्नों की तरह चमकने वाली उच्च पठारीय झीलों को आपस में जोड़ती हो। प्रकृति के विविध रंग एक साथ समाहित उत्तरी शीत्सांग के घासस्थलों का सौंदर्य एक विशाल जीवंत चित्रपट के समान दिखाई देता हैं। वर्षो से अपनी अनुपम प्राकृतिक भव्यता के कारण यह रहस्यमय क्षेत्र विश्वभर के पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करते हुए पारिस्थितिक पर्यटन और प्रकृति के गहन अनुभव की तलाश करने वालों के लिए आदर्श गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
