शीत्सांग की पहली टॉवर-आधारित सौर तापीय बिजली परियोजना के निर्माण में प्रगति जारी
हाल ही में शीत्सांग विकास-निवेश समूह लिमिटेड द्वारा निवेशित और निर्मित विश्व की सबसे ऊँचाई पर स्थित तथा शीत्सांग का पहला टॉवर-आधारित सौर तापीय परियोजना — शीत्सांग विकास-निवेश तुशुओ 100 मेगावाट टॉवर सौर तापीय विद्युत स्टेशन में सभी 15,927 हेलियोस्टैट दर्पण (जिसे सूर्य-अनुगामी दर्पण भी कहा जाता है) पूरी तरह स्थापित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही यह विश्वस्तरीय परियोजना द्वारा ग्रिड-संयोजित विद्युत उत्पादन की दिशा में एक और उल्लेखनीय सफलता हासिल की गई है।
यह परियोजना एक ऐसे क्षेत्र में स्थित है जहाँ वार्षिक सूर्य प्रकाश अवधि 2,800 घंटे से अधिक है और सौर ऊर्जा संसाधन अत्यंत प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। लगभग 8 लाख वर्ग मीटर में फैले दर्पण क्षेत्र में यह स्थल प्रकाश के महासागर जैसा प्रतीत होता है, जबकि आकाश से देखने पर यह पूरा संयंत्र सूर्यमुखी फूल की तरह दिखाई देता है। शीत्सांग की “14वीं पंचवर्षीय योजना” के प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं में शामिल इस स्टेशन का कुल निवेश लगभग 2.037 अरब युआन है। यह परियोजना उन्नत पिघले-नमक आधारित टॉवर सौर तापीय तकनीक पर आधारित है, जिसमें 15,927 दर्पणों के माध्यम से सूर्य की ऊर्जा को अवशोषण टॉवर पर केंद्रित किया जाता है, जिससे पिघला नमक 560 डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता है और उच्च तापीय विनिमय प्रक्रिया के माध्यम से “प्रकाश—ऊष्मा—विद्युत” रूपांतरण कर बिजली उत्पादन किया जाता है।
डिज़ाइन के अनुसार, इस परियोजना की औसत वार्षिक विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 25.5 करोड़ किलोवाट-घंटा तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे 60 हजार टन मानक कोयले की बचत तथा 1.65 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी संभव होगी। विद्युत संयंत्र के निर्माण चरण में, वेल्डिंग, विद्युत कार्य तथा हेलियोस्टैट (सूर्य-अनुगामी दर्पण) स्थापना जैसे कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए गए, जिससे स्थानीय किसान और पशुपालक समुदाय की आय में लगभग 11.8 करोड़ युआन की वृद्धि होने का अनुमान है। इस परियोजना के द्वारा, स्थानीय लोगों को “श्रम से आय, कौशल से समृद्धि” का अवसर मिला और “एक परियोजना, एक क्षेत्र को आगे बढ़ाने” का लक्ष्य साकार हुआ। विद्युत संयंत्र के पूरी तरह चालू होने के बाद, प्रति वर्ष लगभग 1 करोड़ युआन कर राजस्व प्राप्त होने की संभावना है, जबकि इसके परिचालन काल में परियोजना से लगभग 25 करोड़ युआन कर राजस्व मिलने की संभावना है।