थाईवान से सम्बंधित प्रस्ताव को 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा द्वारा अस्वीकार किए जाने के सम्बंध में चीनी विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

(CRI)13:31:33 2026-05-19

18 मई को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने थाईवान से सम्बंधित प्रस्ताव को 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा द्वारा अस्वीकार किए जाने के सम्बंध में एक बयान जारी किया।

18 मई को, 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा (डब्ल्यूएचए) की सामान्य समिति और पूर्ण सत्र ने क्रमशः कुछेक देशों द्वारा प्रस्तुत " थाईवान को डब्ल्यूएचए में पर्यवेक्षक के रूप में भाग लेने के लिए आमंत्रित करने" के प्रस्ताव को सभा के एजेंडा में शामिल करने से स्पष्ट रूप से अस्वीकार कर दिया। विश्व स्वास्थ्य सभा ने लगातार दसवें वर्ष थाईवान से सम्बंधित तथाकथित प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित अंतरराष्ट्रीय संगठनों में थाईवान की भागीदारी के मुद्दे पर चीन का रुख स्पष्ट और सुसंगत है: इसे एक-चीन सिद्धांत के अनुसार ही निपटाया जाना चाहिए। यह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 2758 प्रस्ताव और विश्व स्वास्थ्य सभा के 25.1 प्रस्ताव द्वारा भी प्रतिपादित एक मूलभूत सिद्धांत है। थाईवान को केंद्र सरकार की सहमति के बिना विश्व स्वास्थ्य सभा में भाग लेने का कोई आधार, कारण या अधिकार नहीं है। थाईवान में थाईवानी डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के अधिकारी " थाईवान की स्वतंत्रता" की अलगाववादी नीति पर अड़ी हुई है, जिसके कारण विश्व स्वास्थ्य सभा में थाईवान की भागीदारी के लिए कोई राजनीतिक आधार ही नहीं है।

चीनी केंद्रीय सरकार थाईवान में रहने वाले अपने देशवासियों के स्वास्थ्य और कल्याण को अत्यंत महत्व देती है। एक-चीन सिद्धांत के अंतर्गत, चीनी केंद्रीय सरकार ने वैश्विक स्वास्थ्य मामलों में थाईवान की भागीदारी के लिए उचित व्यवस्था की है। थाईवान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ विश्व स्वास्थ्य संगठन की सम्बंधित तकनीकी बैठकों में भाग ले सकते हैं। पिछले एक वर्ष में, चीनी केंद्रीय सरकार ने थाईवान के 18 चिकित्सा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों को डब्ल्यूएचओ की तकनीकी गतिविधियों में भाग लेने की मंजूरी दी है, जिसमें टीकाकरण रणनीतियों, वैक्सीन विकास, मानसिक स्वास्थ्य और डिजिटल स्वास्थ्य सहित कई तकनीकी विषय शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य विनियमों के ढांचे में थाईवान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अन्य देशों के साथ सुचारू और प्रभावी सूचना आदान-प्रदान तंत्र बनाए रखता है।