"'भारतीय समाज और संस्कृति' भविष्य की कक्षा निर्माण अनुभव-साझा" विषयक व्याख्यान आयोजित

अंतरराष्ट्रीय संचार प्रतिभाओं के प्रशिक्षण की क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से, 7 मई 2026 को कम्यूनिकेशन यूनिवर्सिटी ओफ चाइना (CUC) के विदेशी भाषा एवं संस्कृति संकाय में "'भारतीय समाज और संस्कृति' भविष्य कक्षा निर्माण अनुभव-साझा" विषय पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान को CUC के विदेशी भाषा एवं संस्कृति संकाय की एसोसिएट प्रोफेसर तथा पाकिस्तान अध्ययन केंद्र के निदेशिका यांग रुए ने संबोधित किया।

इस व्याख्यान में “‘भारतीय समाज और संस्कृति’ भविष्य कक्षा” के निर्माण संबंधी व्यावहारिक अनुभवों पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने ने कहा कि जब AI भाषा सीखने की प्रक्रिया को पुनर्परिभाषित कर रही है, तब विदेशी भाषाओं के विद्यार्थियों की भाषाई क्षमता को अंतरराष्ट्रीय संचार की व्यावहारिक क्षमता में विकसित करना भविष्य में अंतरराष्ट्रीय संचार प्रतिभा निर्माण का प्रमुख केंद्र बिंदु होगा। उन्होंने "भारतीय समाज और संस्कृति" पाठ्यक्रम का उदाहरण देते हुए कहा कि पाठ्यक्रम में केवल भारत के इतिहास, संस्कृति, सामाजिक वास्तविकताओं और प्रमुख मुद्दों का अध्ययन ही नहीं, बल्कि चीन और भारत की सभ्यताओं के पारस्परिक आदान-प्रदान से जुड़े विषयों को भी शामिल किया जाना चाहिए। साथ ही, विद्यार्थियों की हिंदी भाषा के व्यावहारिक उपयोग और अंतरसांस्कृतिक संप्रेषण क्षमता को मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि ज्ञान अर्जन, भाषा दक्षता, विश्लेषण क्षमता और संचार व्यवहार को एकीकृत करने वाली समग्र प्रणाली विकसित की जा सके। उन्होंने ने आगे बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों की अंतरराष्ट्रीय संचार क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने कई छात्रों के साथ मिलकर न्यू मीडिया मंचों पर भारत-केंद्रित संचार नेटवर्क तैयार किया है। इसके माध्यम से युवा पीढ़ी की पसंद के अनुरूप तरीकों से भारतीय दर्शकों तक चीन की कहानियां, चीन की आवाज और चीन की वास्तविक, बहुआयामी तथा व्यापक छवि पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।