बौद्धिक संपदा अधिकारों की "चोरी" का दावा पूरी तरह निराधार है: चीनी विदेश मंत्रालय

(CRI)14:26:09 2026-04-23

22 अप्रैल को चीन की राजधानी पेइचिंग में आयोजित एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, कुछ देशों द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों की कथित “चोरी” के आधार पर चीन पर लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों को लेकर पूछे गए प्रश्न के जवाब में, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने स्पष्ट कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकारों की तथाकथित “चोरी” का दावा पूरी तरह निराधार है।

उन्होंने कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करना दरअसल नवाचार की रक्षा करना है और यह उच्च गुणवत्ता वाले विकास की आधारशिला है। उनके अनुसार, चीन आज विश्व में एक प्रमुख बौद्धिक संपदा शक्ति के रूप में उभर चुका है और लगातार कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय पेटेंट आवेदनों की संख्या में अग्रणी रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि चीन अब केवल “विश्व का कारखाना” भर नहीं रह गया है, बल्कि वह एक “वैश्विक नवाचार प्रयोगशाला” के रूप में भी तेज़ी से विकसित हो रहा है। ऐसे में बौद्धिक संपदा अधिकारों की कथित “चोरी” के आरोप वास्तविकता से परे हैं।

प्रवक्ता ने आगे कहा कि चीन का विकास उसके अपने सतत प्रयासों का परिणाम है, साथ ही पारस्परिक लाभ पर आधारित अंतरराष्ट्रीय सहयोग से भी उसे बल मिला है। उन्होंने दोहराया कि चीन मानव जाति के साझा भविष्य की अवधारणा के प्रति प्रतिबद्ध है और खुलेपन, समावेशिता, संतुलन तथा साझा लाभ के सिद्धांतों का पालन करता रहेगा। चीन बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और सुदृढ़ करेगा तथा अधिक न्यायसंगत और संतुलित वैश्विक बौद्धिक संपदा शासन प्रणाली के निर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देगा।