जापान के संवैधानिक संशोधन के प्रयासों को लेकर संदेह और विरोध लगातार बढ़ रहा है: चीनी विदेश मंत्रालय
19 अप्रैल की दोपहर को, जापान में संसद भवन के आसपास 36,000 लोग इकट्ठा हुए और साने ताकाइची सरकार द्वारा संविधान में संशोधन के प्रयास का पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने "युद्ध का विरोध करो," "संविधान के अनुच्छेद 9 का उल्लंघन मत करो," और "ताकाइची इस्तीफा दो" जैसे नारों वाले बैनर पकड़े हुए थे, जिनमें शांतिवादी संविधान की रक्षा की मांग की गई थी।
20 अप्रैल को, चीन की राजधानी पेइचिंग में चीनी विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने कहा कि जापानी सैन्यवाद ने चीन और अन्य एशियाई देशों के लोगों के खिलाफ़ अत्याचार किए और जापानी लोगों को भी घोर पीड़ा पहुंचाई। जापान के संवैधानिक संशोधन के प्रयासों को जापान में, उसके एशियाई पड़ोसियों के बीच और अंतरराष्ट्रीय समुदाय में लगातार संदेह और विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बल देते हुए कहा कि सैन्यवाद के पुनरुत्थान को रोकना जापान का परम कर्तव्य है और चीन सहित अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का दृढ़ संकल्प है। हम जापान से आग्रह करते हैं कि वह इतिहास से सबक लेते हुए अपने अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों का पालन करे और शांतिपूर्ण विकास के मार्ग पर चले।