139वें कैंटन मेले का पहला चरण संपन्न

चित्र जन दैनिक ऑनलाइन से है।
19 अप्रैल को 139वें कैंटन मेले का प्रथम चरण औपचारिक रूप से संपन्न हुआ। चीन विदेशी व्यापार केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 19 अप्रैल सायं 5 बजे तक इस चरण में 216 देशों और क्षेत्रों से कुल 1.67 लाख विदेशी खरीदारों ने भाग लिया, जो पिछले सत्र की समान अवधि की तुलना में 5.9 प्रतिशत अधिक है।
139वें कैंटन मेले का प्रथम चरण 15 से 19 अप्रैल के बीच “उन्नत विनिर्माण” विषय पर आयोजित किया गया। इस मेले की प्रदर्शनी का कुल क्षेत्रफल 5.2 लाख वर्ग मीटर रहा, जिसमें 25 हजार से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए और 12 हजार से अधिक उद्यमों ने भाग लिया। प्रदर्शनी में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं घरेलू उपकरण, औद्योगिक विनिर्माण, प्रकाश एवं विद्युत, हार्डवेयर उपकरण, वाहन एवं द्विचक्री वाहन जैसे पाँच प्रमुख खंडों के अंतर्गत 19 प्रदर्शनी क्षेत्र स्थापित किए गए, जिनमें 5900 से अधिक उत्कृष्ट उद्यमों ने भाग लिया। प्रदर्शनी अवधि के दौरान 123 विदेशी वाणिज्यिक एवं औद्योगिक संस्थाओं ने प्रतिनिधिमंडल के रूप में भागीदारी की, जो पिछले सत्र की समान अवधि की तुलना में 4.2 प्रतिशत अधिक है।

चित्र जन दैनिक ऑनलाइन से है।
प्रदर्शनी की विषयवस्तु “नवाचार, हरित और बुद्धिमत्ता” की विकास प्रवृत्तियों के अनुरूप रही, जिसमें उभरते प्रमुख उद्योगों तथा भविष्य के औद्योगिक क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया और वैश्विक खरीद की नई मांगों से सटीक समन्वय स्थापित किया गया। सेवा रोबोट, स्मार्ट जीवन, औद्योगिक स्वचालन और नई ऊर्जा वाहनों जैसे प्रमुख विषयों के साथ-साथ, इस बार उपभोक्ता श्रेणी के ड्रोन, स्मार्ट पहनने योग्य उपकरण, प्रदर्शन प्रौद्योगिकी तथा कृषि उपयोगी ड्रोन जैसे चार नए विशेष क्षेत्र भी जोड़े गए।
कैंटन मेले में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के गहन एकीकरण से युक्त अनेक नवाचारी उत्पाद भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। एआई बड़े मॉडल से युक्त, पिक्सेल-स्तरीय स्व-प्रदीपन और माइक्रोसेकंड प्रतिक्रिया क्षमता प्रदान करने वाला स्मार्ट इंटरैक्टिव डिस्प्ले; 360 डिग्री उन्नत संवेदन प्रणाली से लैस औद्योगिक स्तर के चार-पैर वाले रोबोट; तथा बुद्धिमान अवरोध-परिहार और भू-आकृति अनुरूप उड़ान में सक्षम कृषि संरक्षण ड्रोन जैसी अनेक तकनीकों ने नई उत्पादन क्षमता को व्यावहारिक और सुलभ रूप में प्रस्तुत किया गया। इसके अलावा, इन नवाचारों ने चीन के विनिर्माण क्षेत्र की क्षमता को उजागर करते हुए वैश्विक व्यापार के लिए नए अवसर खोले।