अमेरिका और थाइवान के सैन्य संबंधों के खिलाफ चीन का रुख सतत और स्पष्ट है:चीनी विदेश मंत्रालय
7 अप्रैल को चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की।
एक पत्रकार ने अमेरिका-थाइवान सैन्य संपर्कों के बारे में पूछा। माओ निंग ने कहा कि थाइवान का मुद्दा चीन का आंतरिक मामला है और थाइवान जल्डमरूमध्य के दोनों तटों के बीच संबंध कूटनीतिक मुद्दा नहीं हैं। उन्होंने पत्रकार को बताया कि अमेरिका-थाइवान सैन्य संपर्कों के खिलाफ चीन का रुख सतत और स्पष्ट है।
एक पत्रकार ने पूछा, "खबरों के मुताबिक, जापान सरकार इस महीने 'रक्षा उपकरणों के हस्तांतरण पर तीन सिद्धांतों' में औपचारिक रूप से संशोधन करने की योजना बना रही है। इस पर चीन की क्या टिप्पणी है?"
माओ निंग ने कहा कि कई अंतरराष्ट्रीय विद्वान और जापान में दूरदर्शी व्यक्ति इस घटनाक्रम को लेकर गहरी चिंता व्यक्त कर रहे हैं, उनका मानना है कि यह जापान की युद्धोत्तर हथियार निर्यात नीति में एक मौलिक बदलाव को दर्शाता है, जो काहिरा घोषणा, पॉट्सडैम घोषणा और जापान के आत्मसमर्पण पत्र जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध दस्तावेजों के प्रावधानों के साथ-साथ जापानी संविधान और मौजूदा घरेलू मानदंडों का गंभीर रूप से उल्लंघन करता है, और युद्ध के बाद जापानी सैन्यवाद के पुनरुत्थान के खिलाफ संस्थागत सुरक्षा उपायों को कमजोर करता है।
रूसी नागरिकों के लिए वीजा-मुक्त नीति को चीन द्वारा एक और वर्ष के लिए बढ़ाए जाने के जवाब में, माओ निंग ने कहा कि चीन और रूस के बीच आपसी आदान-प्रदान को चीन बहुत महत्व देता है, और हम अधिक से अधिक रूसी मित्रों का स्वागत करते हैं कि वे वीजा-मुक्त नीति का लाभ उठाकर चीन की यात्रा करें, दर्शनीय स्थलों को देखें और चीन की सुंदरता का अनुभव करें।