खाड़ी संकट पर चीन और बहरीन के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ता
2 अप्रैल को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और विदेश मंत्री वांग यी ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के घूर्णनशील अध्यक्ष तथा बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुल्लतीफ़ बिन राशिद अल ज़ायनी से फोन पर बातचीत की।
अब्दुल्लतीफ़ अल ज़ायनी ने वांग यी को मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और बहरीन के रुख से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों को गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन बाधित है। उन्होंने यह भी बताया कि बहरीन इस समस्या के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की भूमिका का उपयोग करने को तैयार है और चीन के साथ संचार तथा समन्वय को मजबूत करना चाहता है।
उधर, वांग यी ने आक्रामकता का विरोध करने और शांति की वकालत करने के चीन के सैद्धांतिक रुख को दोहराया। उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान ने हाल ही में खाड़ी और मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए पांच सूत्री पहल पेश की है। इस पहल में नागरिकों और गैर-सैन्य लक्ष्यों पर हमले रोकने, होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने और सामान्य नौवहन बहाल करने की अपील शामिल है।
वांग यी ने यह भी कहा कि युद्धविराम अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा मांग है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की कार्रवाई का उद्देश्य तनाव कम करना और वार्ता को फिर से शुरू करना होना चाहिए, न कि अवैध सैन्य कार्रवाइयों का समर्थन करना या स्थिति को और भड़काना। वांग यी ने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य और एक जिम्मेदार प्रमुख शक्ति के रूप में चीन, बहरीन के साथ मिलकर युद्ध समाप्त करने, शांति बहाल करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और वैश्विक दक्षिण के देशों, विशेष रूप से छोटे और मध्यम आकार के देशों के वैध अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।