चीन वैश्विक विकास का आधारशिला और स्थिरता का केंद्र बना रहेगा: चीनी विदेश मंत्रालय
इस वर्ष मार्च में चीन ने चीन विकास मंच 2026 और बोआओ एशिया मंच 2026 के वार्षिक सम्मेलनों का आयोजन किया। इन दोनों मंचों ने वैश्विक मीडिया का व्यापक ध्यान आकर्षित किया और इन्हें चीनी बाज़ार को समझने की एक महत्वपूर्ण खिड़की माना गया।
1 अप्रैल को पेइचिंग में आयोजित चीन के विदेश मंत्रालय की नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में प्रवक्ता माओ निंग ने इस विषय पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि चीन विकास मंच राजधानी पेइचिंग में और बोआओ एशिया मंच दक्षिण चीन के हाईनान प्रांत में आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों मंचों ने एक समान संदेश दिया है कि दुनिया भले ही उथल-पुथल के दौर से गुजर रही हो, लेकिन चीन स्थिरता के साथ आगे बढ़ता रहेगा और अन्य देशों के साथ मिलकर विकास को बढ़ावा देगा।
माओ निंग ने बताया कि चीन की “15वीं पंचवर्षीय योजना” में स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य और नीतिगत दिशा-निर्देश तय किए गए हैं, जो आने वाले पाँच वर्षों में देश के विकास की दिशा निर्धारित करेंगे। उन्होंने कहा कि चीन नई विकास विचारधारा को पूरी तरह, सटीक और व्यापक रूप से लागू करेगा, नए विकास मॉडल के निर्माण में तेजी लाएगा और उच्च गुणवत्ता वाले विकास को आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन मुक्त व्यापार का समर्थन जारी रखेगा और बाहरी सहयोग को लगातार मज़बूत करेगा। साथ ही, संस्थागत खुलेपन का विस्तार किया जाएगा और उच्च गुणवत्ता वाले “बेल्ट एंड रोड” के संयुक्त निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा। चीन वैश्विक व्यापार और निवेश को अधिक उदार और सुगम बनाने की दिशा में काम करेगा तथा एक खुली वैश्विक अर्थव्यवस्था के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
माओ निंग ने ज़ोर देते हुए कहा कि चीन वैश्विक विकास की एक मज़बूत आधारशिला और स्थिरता का भरोसेमंद केंद्र बना रहेगा।