चीनी रक्षा मंत्रालय: जापान की तथाकथित "बाहरी खतरे" की बातों में निहित है संदिग्ध मंशा

26 मार्च को चीनी रक्षा मंत्रालय के नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेस में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता जियांग बिन ने कहा कि जापान द्वारा लगातार तथाकथित "बाहरी खतरे" का प्रचार पूर्णतः निराधार, मनगढ़ंत तथा दुर्भावनापूर्ण है।

संवाददाताओं के प्रश्नों का उत्तर देते हुए जियांग बिन ने बताया कि, "यह सबके लिए एक कड़वी सच्चाई है कि जापान ने अपने सभी पड़ोसी देशों पर आक्रमण किया था।" उन्होंने आगे कहा कि एक ऐसा देश जिसने एशिया और विश्व की जनता पर भारी विपदा ढाई है, और जो आज तक अपने आक्रमणकारी इतिहास और अपराधों पर वास्तविक रूप से आत्ममंथन नहीं कर सका है, वही अब फिर से तथाकथित "बाहरी खतरे " का निरंतर प्रचार कर रहा है, जो पूरी तरह से निराधार, मनगढ़ंत तथा दुर्भावनापूर्ण है।

जियांग बिन ने स्पष्ट किया है कि जापान द्वारा घरेलू अंतर्विरोधों को भटकाने, अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करने तथा "पुनः सैन्यीकरण" की मंशा स्पष्ट रूप से उजागर हो चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि जापान द्वारा "तीन सुरक्षा दस्तावेजों" में संशोधन को बढ़ावा देना, आक्रामक सैन्य क्षमताओं का तीव्र विकास करना, और यहां तक कि खुलेआम परमाणु हथियारों की वकालत जैसे खतरनाक रुझान अत्यंत गंभीर और सतर्कता के पात्र हैं।

"हम इतिहास से शिक्षा लेकर भविष्य की ओर अग्रसर होने के पक्षधर हैं, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि हम इतिहास से चेतावनी लें, ताकि ऐतिहासिक त्रासदियों को दोहराने से रोका जा सके।" जियांग बिन ने स्पष्ट किया कि विश्व के सभी शांति-प्रेमाी लोगों को एकजुट होकर जापान के "नये सैन्यवाद" के उदय और विस्तार का दृढ़ विरोध करना चाहिये, ताकि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और जनता की सुरक्षा व कल्याण की रक्षा की जा सके।