चीन और मिस्र के विदेश मंत्रियों के बीच फोन वार्ता

(CRI)11:18:30 2026-03-26

25 मार्च को, चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी के साथ फोन पर बातचीत की।

फोन वार्ता में अब्देलट्टी ने क्षेत्रीय स्थिति पर अपने विचार साझा करते हुए मिस्र की मौजूदा स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे पर संभावित हमलों और व्यवधानों पर, जिससे पूरे क्षेत्र में अराजकता फैल सकती है। उन्होंने कहा कि स्थिति को शांत करने के लिए, मिस्र सभी पक्षों से संवाद कर रहा है और सक्रिय रूप से वार्ता को बढ़ावा दे रहा है।

अब्देलट्टी ने यह भी उल्लेख किया कि मिस्र और चीन व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं, और मिस्र क्षेत्रीय और वैश्विक अस्थिरता को रोकने के लिए संयुक्त रूप से राजनयिक प्रयासों को मजबूत करने हेतु चीन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने के लिए तत्पर है।

वहीं, वांग यी ने कहा कि चीन और मिस्र दोनों ही जिम्मेदार प्रमुख शक्तियां हैं, दोनों ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा अधिकृत न किए गए सैन्य अभियानों का विरोध करते हैं, नागरिकों और नागरिक सुविधाओं पर हमलों का विरोध करते हैं, और खाड़ी देशों पर पड़ने वाले प्रभाव को स्वीकार नहीं करते हैं।

चीनी विदेश मंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व में हालात तेजी से बदल रहे हैं, अमेरिका और ईरान दोनों ने बातचीत के लिए तत्परता दिखाई है, जिससे शांति की एक उम्मीद जगी है। इस युद्ध को जारी रखने से केवल और अधिक जानमाल का नुकसान होगा और स्थिति और बिगड़ जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संघर्ष में शामिल पक्षों को बातचीत शुरू करने के लिए सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करना चाहिए, जब तक बातचीत शुरू होती है, शांति की उम्मीद बनी रहती है।

वांग यी ने इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा परिषद की कार्रवाइयों से तनाव कम करने और संवाद को बढ़ावा देने में मदद मिलनी चाहिए, और संघर्ष को बढ़ने से रोकने में मदद मिलनी चाहिए, न कि बल प्रयोग करने की अनुमति देने में। उन्होंने कहा कि चीन शांति वार्ता की बहाली और युद्ध की समाप्ति को बढ़ावा देने में मध्यस्थता की भूमिका निभाते रहने के लिए मिस्र का समर्थन करता है और इसके लिए लगातार रचनात्मक प्रयास करता रहेगा।