चीन–अमेरिका उच्च स्तरीय संपर्क और थाइवान मुद्दे पर चीन की प्रतिक्रिया

18 मार्च को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की।
18 मार्च को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की। चीन-अमेरिका के बीच उच्च स्तरीय आदान–प्रदान से जुड़े प्रश्न का उत्तर देते हुए लिन च्येन ने कहा कि राष्ट्राध्यक्ष स्तर की कूटनीति चीन-अमेरिका संबंधों में एक अपरिहार्य रणनीतिक मार्गदर्शक भूमिका निभाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देश अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन यात्रा के संबंध में निरंतर संवाद बनाए हुए हैं और संबंधित व्यवस्थाओं पर संपर्क जारी रहेगा।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने प्रश्न किया कि हाल ही में लाई छिंग–ते ने एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की कि जापान ने “बृहत्तर पूर्वी एशिया सह-समृद्धि क्षेत्र” को बढ़ावा देने के लिए थाइवान को उपनिवेश बनाया था, जिसके कारण थाइवान द्वीप के भीतर कड़ा असंतोष उत्पन्न हुआ है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता लिन च्येन ने कहा कि लाई छिंग-ते प्रशासन द्वारा आक्रमणकारी के झूठ का खुलेआम सहारा लेकर जापान के सैन्य आक्रमण और औपनिवेशिक शासन का महिमामंडन करना इतिहास का गंभीर अपमान है और राष्ट्र के साथ एक शर्मनाक विश्वासघात के बराबर है।
लिन च्येन ने जोर देकर कहा कि जापान ने चीन के थाइवान क्षेत्र पर लगभग आधी सदी तक औपनिवेशिक शासन थोपे रखा, इस दौरान थाइवानी जनता के प्रतिरोध आंदोलनों को बेरहमी से कुचला गया, विभिन्न प्राकृतिक और आर्थिक संसाधनों की लूट की गई और थाइवान की अर्थव्यवस्था, संस्कृति तथा आम लोगों की आजीविका को गहरा नुकसान पहुँचा। उन्होंने कहा कि खून और आँसुओं से भरा यह अविस्मरणीय इतिहास न तो भुलाया जा सकता है और न ही किसी भी रूप में विकृत किया जाना चाहिए।