खुले चीन का दुनिया पर प्रभाव लगातार बढ़ता हुआ

आज के विश्व परिदृश्य पर दृष्टि डालें तो एकतरफावाद और संरक्षणवाद तेजी से बढ़ रहे हैं, जो वैश्विक विकास पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में विभिन्न पक्ष चीन के राष्ट्रीय “दो सत्रों” से प्रसारित खुलेपन के संकेतों पर और अधिक ध्यान दे रहे हैं।“यह संकेत है कि चीन वैश्वीकरण को आगे बढ़ाना जारी रखेगा”, “राष्ट्रीय ‘दो सत्रों’ खुले चीन के लिए और अधिक स्पष्ट दिशा प्रदान करते हैं” — अंतरराष्ट्रीय जनमत में ऐसी टिप्पणियाँ व्यापक रूप से देखने को मिल रही हैं। वैश्विक समुदाय सामान्यतः यह अपेक्षा कर रहा है कि चीन अधिक समावेशी और अधिक गतिशील खुलेपन तथा साझा विकास के माध्यम से वैश्विक विकास में नई सकारात्मक ऊर्जा जोड़ेगा।

विपरीत परिस्थितियों के बीच आगे बढ़ते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए ही एक बड़े देश की जिम्मेदारी अधिक स्पष्ट दिखाई देती है। पिछले वर्ष संरक्षणवाद की लगातार तेज होती विपरीत हवाओं के बावजूद चीन ने अपने खुलेपन और अधिक व्यापक है। चीन के सहयोगी देश और क्षेत्र अधिक विविध हुए हैं, जिसमे 190 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ आयात-निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, नवस्थापित विदेशी निवेश कंपनियों की संख्या में 19.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। साथ ही, देश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में 17.1 प्रतिशत का इजाफा हुआ और वीज़ा-मुक्त सुविधाओं ने “चीन यात्रा” को वैश्विक आकर्षण बना दिया। वस्तुओं, लोगों और सूचनाओं के कुशल प्रवाह के माध्यम से चीन विश्व के साथ विकास के अवसर साझा कर रहा है।

“पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना” के प्रारंभिक वर्ष की नई रूपरेखा के साथ चीन के उच्च-स्तरीय खुलेपन का स्वरूप और अधिक समृद्ध होता जा रहा है। चीन स्वतंत्र रूप से खुलेपन का विस्तार करने, विदेशी व्यापार के आकार को स्थिर रखते हुए उसकी संरचना को बेहतर बनाने, द्विपक्षीय निवेश सहयोग को बढ़ाने तथा उच्च गुणवत्ता के साथ ‘बेल्ट एंड रोड’ पहल के संयुक्त निर्माण जैसे क्षेत्रों में निरंतर ठोस कदम उठाएगा। “मूल्यवर्धित दूरसंचार, जैव प्रौद्योगिकी और विदेशी पूर्ण स्वामित्व वाले अस्पतालों जैसे क्षेत्रों में खुलेपन के पायलट कार्यक्रमों का और विस्तार”, “उद्यमों को वैश्विक बाज़ार में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना”, “सीमापार ई-कॉमर्स के साथ विदेशी वेयरहाउस मॉडल का विस्तार और उन्नयन”, तथा “स्मार्ट कस्टम्स साझेदारी योजना को आगे बढ़ाना”—जैसी अनेक ठोस पहलें खुले सहयोग के और अधिक सुदृढ़ संबंधों का निर्माण करेंगी। व्यावहारिक स्तर पर लागू होते हुए और गहराई तक जड़ें जमाते हुए, चीन का खुलापन भविष्य में भी सशक्त गति के साथ आगे बढ़ता रहेगा।

विश्व अर्थव्यवस्था के महासागर को फिर से अलग-अलग छोटे झीलों और नदियों में बाँटना न तो संभव है और न ही इतिहास की धारा के अनुरूप है। चीन सदैव दुनिया के सभी देशों के साथ मिलकर आर्थिक वैश्वीकरण के “केक” को और बड़ा बनाने तथा उसके लाभों को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। खुले विकास की प्रक्रिया में चीन और अन्य देश अपनी-अपनी शक्तियों का परस्पर पूरक उपयोग करेंगे, अवसरों को साझा करेंगे और हितों के समन्वय के माध्यम से साझा विकास तथा पारस्परिक प्रगति को आगे बढ़ाएंगे।