अस्थिर वैश्विक परिस्थिति में स्थिरता और निश्चितता का सहारा

“वैश्विक अस्थिरता के दौर में चीन भविष्य की दिशा तय करने में अग्रसर”, कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इस शीर्षक के साथ चीन के राष्ट्रीय “दो सत्र” की व्याख्या करते हुए कहा कि चीन इन बैठकों के माध्यम से न केवल अपने बल्कि विश्व के भविष्य को भी आकार दे रहा है।

लंबे समय से जारी संकटों के बीच चीन हमेशा शांति और न्याय के पक्ष में खड़ा रहा है। ईरान की स्थिति इस समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय का प्रमुख ध्यान केंद्रित कर रही है। चीन ने पाँच बुनियादी सिद्धांत प्रस्तावित किए हैं, जिनका उद्देश्य संघर्षविराम और युद्धविराम के लिए परिस्थितियाँ बनाना तथा सभी पक्षों को संयुक्त प्रयास करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि मध्य पूर्व में व्यवस्था बहाल हो, लोगों को शांति और सुरक्षा मिले और विश्व में स्थायी शांति स्थापित हो सके। एकतरफा दबाव और प्रभुत्ववादी कार्रवाइयों द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून तथा अंतरराष्ट्रीय संबंधों के बुनियादी सिद्धांतों के उल्लंघन के सामने चीन दृढ़ता से यह मानता है कि सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, विश्व शांति और स्थिरता की नींव को मजबूत करना चाहिए तथा दुनिया को फिर से “जंगल के कानून” के युग में लौटने से रोकना चाहिए।

चीन व्यापार और निवेश के उदारीकरण तथा सुगमीकरण का दृढ़ समर्थन करता है, वैश्विक उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और निर्बाध प्रवाह को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखकर स्थापित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली की दृढ़ता से रक्षा करता है। साथ ही, चीन निष्पक्ष और खुले अंतरराष्ट्रीय आर्थिक-व्यापारिक व्यवस्था को बनाए रखने के पक्ष में है। आर्थिक वैश्वीकरण के सामने उभरती प्रतिकूल प्रवृत्तियों के संदर्भ में चीन का मानना है कि इन चुनौतियों का समाधान अधिक सतत विकास और अधिक न्यायसंगत तथा प्रभावी शासन के माध्यम से किया जाना चाहिए। चीन समावेशी और सर्वहितकारी आर्थिक वैश्वीकरण को आगे बढ़ाने के लिए व्यापक सहमति बनाने का निरंतर प्रयास कर रहा है।

लगातार उभरती वैश्विक चुनौतियों, बढ़ते शासन घाटे और बहुपक्षवाद पर पड़ रहे गंभीर दबावों की पृष्ठभूमि में चीन ने वैश्विक शासन पहल प्रस्तुत की है। इसके माध्यम से चीन संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का दृढ़ समर्थन करता है तथा वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और बहुपक्षीय तंत्र में सुधार और उन्हें अधिक सुदृढ़ बनाने को प्रोत्साहित करता है।

चीन मानवता के भविष्य और भाग्य के प्रति पूर्ण विश्वास रखता है तथा मानव जाति के साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के महान लक्ष्य के प्रति अडिग है। चीन सभी पक्षों के साथ मिलकर इस दृष्टि को क्रमशः वास्तविकता में बदलने के लिए तैयार है और शांति, विकास, सहयोग तथा पारस्परिक लाभ के युगीन अध्याय को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।