शीत्सांग की राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन की सदस्य मिंगजी चोम “सदस्य मार्ग” पर पहुँचीं

7 मार्च को चौदहवीं राष्ट्रीय जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन के चौथे बेठक के दूसरे “सदस्य मार्ग” कार्यक्रम में शीत्सांग से आने वाली सदस्य तथा शीत्सांग चिकित्सा विश्वविद्यालय की प्रोफेसर मिंगजी चोम उपस्थित हुईं। उन्होंने सरल और भावपूर्ण शब्दों में हिमाच्छादित उच्चभूमि के चिकित्सा क्षेत्र में आए ऐतिहासिक परिवर्तनों तथा तिब्बती चिकित्सा परंपरा के संरक्षण और विकास की कहानी साझा की।

मिंगजी चोम ने स्मरण करते हुए कहा, “मुझे शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की स्थापना की 60वीं वर्षगाँठ के समारोह में भाग लेने का सौभाग्य मिला। उस दिन पोटाला महल के प्रांगण में रंग-बिरंगे ध्वज लहरा रहे थे, विभिन्न जातीय समुदायों के लोग उत्सव की वेशभूषा में सजे हुए थे और गीत-नृत्य के साथ उत्सव मना रहे थे। बच्चों के चेहरों की निश्छल मुस्कान विशेष रूप से मन को छू लेने वाली थी। वह दृश्य मेरे जीवन में सदैव अविस्मरणीय रहेगा।”

मिंगजी चोम ने आगे बताते हुए कहा कि चीन द्वारा लगातार आधारभूत चिकित्सा सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं में निवेश बढ़ाने के साथ ही पहले जो लंबी दूरी तय कर इलाज कराना पड़ता था, वह अब काफी कम हो गई है। सामान्य रोगों का उपचार अब घर के पास ही उपलब्ध है। चिकित्सा विशेषज्ञों की “समूहगत सहायता” व्यवस्था ने शीत्सांग की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया है। शीत्सांग में प्रति व्यक्ति औसत आयु शांतिपूर्ण मुक्ति के प्रारंभिक काल की तुलना में दोगुने से अधिक हो गई है और किसानों तथा पशुपालकों के जीवन एवं स्वास्थ्य के अधिकार को मजबूत संरक्षण मिला है।