चीनी प्रतिनिधि:  उच्च गुणवत्ता विकास के जरिये वैश्विक दक्षिण को नये अवसर प्रदान करने में अग्रसर चीन

5 मार्च को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 61वें सत्र में सतत विकास तथा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों विषय पर एक विशेष संगोष्ठि आयोजित की गई। चीन के प्रतिनिधि मंडल की उपप्रमुख ली शियाओमेई ने इस बैठक में भाग लिया और चीन के विचारों एवं रुख को विस्तृत रूप से स्पष्ट किया।

ली शियाओमेई ने कहा कि चीन वैश्विक विकास के लिए अपने पुरी क्षमता से निरंतर योगदान देता रहा है। चीन द्वारा प्रस्तुत वैश्विक विकास पहल में वित्तपोषण को सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में में शामिल किया गया है और इस पहल के तहत वैश्विक दक्षिण के विकास तथा पुनरुत्थान के लिए पहल 23 अरब से डॉलर से अधिक कोष जुटाया है। उन्होंने यह भी बताया कि चीन ने मानवाधिकार परिषद में आर्थिकसामाजिकसांस्कृतिक अधिकारों तथा विकास के माध्यम से मानवाधिकारों को बढ़ावा देने से संबंधित प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं, जिससे सभी पक्षों के लिए पारस्परिक लाभकारी सहयोग में नई ऊर्जा आई है। साथ ही, चीन सक्रिय रूप से मानवाधिकार संबंधी अपने विचारों और अनुभवों को साझा कर रहा है तथा विकासशील देशों के लिए प्रतिभा प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के नए मंच तैयार कर रहा है।

ली शियाओमेई ने कहा कि 2026 में चीनी जन प्रतिनिधि सभा और चीनी जन राजनीतिक सलाहकार सम्मेलन (दो सत्र) जारी हैं, और इन सत्रों में चीन की “पंद्रहवीं पंचवर्षीय योजना” अवधि के प्रमुख लक्ष्य, सूचकांक और महत्वपूर्ण रणनीतिक कार्यों की घोषणा की गई हैं। उन्होंने कहा कि चीन उच्च-गुणवत्ता वाले विकास के माध्यम से वैश्विक दक्षिण के लिए नए अवसर प्रदान करना जारी रखने को तैयार है, ताकि विकास का अधिकार तथा आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों सहित सभी मानवाधिकारों को बेहतर ढंग से साकार किया जा सके और कोई भी पीछे न छूटे।