विश्व चीन के दो सत्रों से विकास की निश्चितता को तलाशता
बढ़ती अस्थिरता वाले अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में, चीन को व्यापक रूप से विश्वास के स्रोत के रूप में क्यों देखा जाता है? इसका उत्तर यही है कि चीन की योजनाबद्ध निश्चितता, संभावित विकास की स्पष्ट दिशा और मजबूती के साथ अपनाया गया खुलापन इसे भरोसेमंद बनाता है।
निश्चितता योजनाबद्ध रणनीतियों से आती है। यदि हम वैश्विक आर्थिक विकास के इतिहास पर एक नज़र डालें, तो ऐसी बड़ी आर्थिक ईकाइयाँ बस कुछ ही रही हैं, जिन्होंने आर्थिक चक्रों को पार करते हुए दीर्घकालिक और स्थिर वृद्धि बनाए रखी। 1953 में पहली पंचवर्षिय योजना लागू होने के बाद से अभी तक चीन ने कुल 14 पंचवर्षिय योजनायों को निर्माण और कार्यान्वयन की है, जिससे मानव इतिहास में विकास का एक अभूतपूर्व चमत्कार रचा गया है। वर्तमान में, “चीनी योजना” को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा “समकालीन विश्व की सबसे विशिष्ट और सबसे प्रभावी राष्ट्रीय शासन व्यवस्थाओं में से एक” माना जाता है।
निश्चितता संभाव्य विकास से उत्पन्न होती है। हर वर्ष चीन की राष्ट्रीय “दो सत्रों” के दौरान, चीन की अर्थव्यवस्था के अगले चरण के लक्ष्यों पर सभी पक्षों का ध्यान केंद्रित रहता है। वैश्विक विकास दबाव में होने की स्थिति में होने के बावजूद, चीन की स्थिर प्रगति को लेकर अपेक्षाएँ और भी बढ़ गई हैं। हाल के समय में कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस वर्ष चीन की आर्थिक वृद्धि के पूर्वानुमान को लगातार ऊपर की ओर संशोधित किया है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के चीन की अर्थव्यवस्था की स्थिर वृद्धि पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
निश्चितता दृढ़ खुलापन से उत्पन्न होती है। चीन की आर्थिक संचालन न केवल स्थिरता और विकासशीलता बनाए रखता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था गहन रूप से जुड़ा रहता है और सभी पक्षों के साथ विकास के अवसर साझा करता है। इसी कारण पाकिस्तान के मीडिया ने चीन की राष्ट्रीय“दो सत्रों” के प्रमुख बिंदुओं की व्याख्या करते समय यह टिप्पणी की कि चीन की नीतिगत दिशा न केवल 1.4 अरब से अधिक चीनी नागरिकों के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक आर्थिक वृद्धि और उभरती प्रौद्योगिकी क्रांति की दिशा पर भी दूरगामी प्रभाव डालेगी।
वर्तमान में, चीन 150 से अधिक देशों और क्षेत्रों के साथ प्रमुख व्यापारिक साझेदार है, और लगातार 17 सालों से विश्व का दूसरा सब से बड़ा आयात बाज़ार बना हुआ है। 14वीं पंचवर्षीय योजना अवधि के दौरान, चीन के विदेशी निवेश ने मेजबान देशों को कुल 300 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का कर योगदान दिया। 2026 की शुरुआत से, अनेक देशों के आर्थिक और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल लगातार चीन का दौरा कर रहे हैं और भरपूर उपलब्धियों के साथ लौट रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था को स्थिरता के एक मजबूत लंगर की आवश्यकता वाले इस समय में, “15वीं पंचवर्षीय योजना” की ओर बढ़ते हुए और उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लक्ष्य की दिशा में निरंतर अग्रसर चीन सभी पक्षों के लिए एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा तथा अशांत विश्व को सबसे मूल्यवान और सबसे दुर्लभ—"निश्चितता"—प्रदान करता रहेगा।