चीन ने विश्व में सब से बड़ी नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया

चीनी राष्ट्रीय ऊर्जा प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक, चीन में नवीकरणीय ऊर्जा की कुल क्षमता 234 करोड़ किलोवाट तक पहुँच गयी। “14 वीं पंचवर्षीय योजना” अवधि के दौरान, चीन ने ऐसी नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली का निर्माण किया है जो विश्व में सब से बड़ी और सबसे तेज़ी से विकसित है। इसी अवधि में, नवीकरणीय ऊर्जा की क्षमता का अनुपात 40% से बढ़कर लगभग 60% तक पहुँच गया है।  

वर्ष 2025 में, पवन और सौर ऊर्जा की संयुक्त स्थापना ने ऐतिहासिक रूप से कोयला आधारित बिजली उत्पादन को पार कर लिया, जो 2020 में 53 करोड़ किलोवाट से बढ़कर 2025 में 184 करोड़ किलोवाट हो गई। नई प्रकार की ऊर्जा भंडारण क्षमता भी ऐतिहासिक रूप से 10 करोड़ किलोवाट का आंकड़ा पार किया, और इसका वैश्विक हिस्सेदारी 40% से अधिक है, जिससे पवन और सौर ऊर्जा और अधिक स्थिर हुआ। नवीकरणीय ऊर्जा के "ग्रीन पावर सर्टिफिकेट" का वार्षिक लेन-देन पिछले सभी वर्षों के कुल लेन-देन से अधिक रहा, और हरित ऊर्जा खपत को बढ़ावा देने वाली प्रणाली को तेजी से स्थापित किया गया।  

"14 वीं पंचवर्षीय योजना" अवधि के दौरान, चीन की नई ऊर्जा ने छलांग लगाकर विकास हासिल किया। "शागोहुआंग रेगिस्तानी ऊर्जा क्षेत्र" बड़े पवन और सौर ऊर्जा पार्क के नए क्षेत्र के रूप में उभरा, जहां 13 करोड़ किलोवाट से अधिक नई स्थापित क्षमता जोड़ी अल्ट्रा-हाई वोल्टेज (UHV) विद्युत प्रवाह परियोजनाओं के साथ मिलकर, यह प्रणाली दूर-दराज़ के क्षेत्रों से हरित बिजली पहुँचाने में सहायक बनी। वर्तमान में, चीन की कुल बिजली खपत में हरित ऊर्जा का हिस्सा लगभग 40% है, यानी हर 10 यूनिट बिजली में लगभग 4 यूनिट हरित ऊर्जा होती है।

"14वीं पंचवर्षीय योजना" के दौरान, चीन द्वारा निर्यात किए गए पवन और सौर ऊर्जा उत्पादों ने अन्य देशों में लगभग 4.1 अरब टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में योगदान दिया।