लोंगफू मंदिर में नववर्ष की परंपराओं की झलक

चित्र जन-दैनिक से है
“स्वाद वही है, जैसा पहले हुआ करता था, लेकिन फिर भी कुछ अलग-सा है।” 12 फ़रवरी को प्रातः 10 बजे, 70 से अधिक वर्ष की आयु वाली पेइचिंग के हैदियन ज़िले की निवासी वांग लिंगश्यू अपने पति का हाथ थामे डोंगचेंग ज़िले के लोंगफू मंदिर क्षेत्र स्थित पेइचिंग के प्रतिष्ठित पारंपरिक ब्रांड“दाओशियांगछुन” मिष्ठान्न दुकान में पहुँचीं और एक मिठाई का टुकड़ा उठाकर उसका स्वाद चखा।
वातावरण में अब भी वही गाढ़ी जीवन्तता और लोक-सुगंध व्याप्त है। बचपन से लोंगफू मंदिर क्षेत्र में पली-बढ़ी वांग लिंगश्यू को आज भी गलियों में घूमना और बाज़ारों की चहल-पहल स्पष्ट रूप से याद है। पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए कहा, “पहले मंदिर मेले में घूमना, स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेना और नववर्ष की ख़रीदारी करना—यही सब मिलकर नए साल का असली आनंद देते थे”।
बात करते-करते वांग लिंगश्यू ने अपनी ख़रीदारी पूरी कर ली। उन्होंने कहा, “मैं केवल बचपन का स्वाद ही घर नहीं ले जा रही, बल्कि पुराने पड़ोस की गर्मजोशी भरी स्मृतियाँ भी साथ ले जा रही हूँ। तभी तो यह नववर्ष सच मायनों में पूर्ण और सुखद कहलाएगा।”
जनसमूह की धारा के साथ आगे बढ़ते हुए, जब लोग लोंगफू भवन के सामने लगे नववर्ष मेले में प्रवेश करते हैं, तो चारों ओर चहल-पहल, विक्रेताओं की गूंजती पुकारें और पारंपरिक ओपेरा, लोक संगीत तथा जिंगशी ताइपिंग ढोल जैसे अमूर्त सांस्कृतिक प्रदर्शनों की जीवंत प्रस्तुतियाँ वातावरण को उत्सवमय बना देती हैं। लोंगफू मंदिर क्षेत्र में मानो पुराने मंदिर मेले का दृश्य फिर जीवंत हो उठा हो, जहाँ दुकानों की कतारें सजी हैं और लोगों का तांता लगा हुआ है।
“दक्षिण में फूज़ी मंदिर और उत्तर में लोंगफू मंदिर”—यह कहावत यहाँ की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा को दर्शाती है। हाल के वर्षों में, डोंगचेंग ज़िले और पेइचिंग राज्य-स्वामित्व परिसंपत्ति कंपनी ने “कढ़ाई जैसी सूक्ष्म” पुनरुद्धार पद्धति अपनाते हुए क्षेत्र का कायाकल्प किया जिसके तहत क्षेत्र में विभिन्न कालखंडों की स्थापत्य शैली को यथावत सुरक्षित रखा गया है, वहीं सार्वजनिक स्थलों की गुणवत्ता में भी निरंतर सुधार किया गया है। नागरिकों और पर्यटकों के लिए “ठहरने योग्य और सहभागिता योग्य” शहरी सार्वजनिक बैठक-स्थल विकसित किए गए हैं, जिससे 600 वर्षों की ऐतिहासिक स्मृतियों को संजोए यह सांस्कृतिक धरोहर पुनः नवजीवन से आलोकित हो उठी है।