चीन-भारत रणनीतिक वार्ता का एक नया दौर आयोजित

10 फरवरी को, चीन के उप विदेश मंत्री मा चाओ शू ने भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ भारत की राजधानी दिल्ली में चीन-भारत रणनीतिक वार्ता के एक नये दौर का आयोजन किया। दोनों पक्षों ने अंतर्राष्ट्रीय स्थिति, अपनी घरेलू और विदेशी नीतियां, साझा चिंता के अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मुद्दे और चीन-भारत द्विपक्षीय संबंध आदि मुद्दों पर मैत्रीपूर्ण और गहन आदान-प्रदान किया।
दोनों पक्षों ने कहा कि दोनों देशों को चीन-भारत संबंधों को रणनीतिक व लंबे समय के नज़रिए से देखना और संभालना चाहिए। दोनों पक्षों को इस रणनीतिक अनुभूति पर कायम रहना चाहिए कि चीन और भारत प्रतिस्पर्धियों के बजाय एक-दूसरे के भागीदार हैं और एक-दूसरे के लिए खतरे के बजाय विकास के मौके हैं। दोनों पक्षों को आपसी विश्वास को मजबूत करना और सहयोग को बढाना चाहिए। साथ ही, दोनों पक्षों को अपने मतभेदों को ठीक से सुलझाना चाहिए और चीन-भारत संबंधों के स्वस्थ व स्थिर विकास को बढ़ाना चाहिए।
दोनों पक्षों ने वर्ष 2026 व वर्ष 2027 ब्रिक्स के अध्यक्ष देश के तौर पर अपनी-अपनी भूमिकाओं में एक-दूसरे का समर्थन करने की सहमति जताई। दोनों पक्ष बहुपक्षवाद और सुंयक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करने, ग्लोबल साउथ में एकजुटता व सहयोग को मज़बूत करने, अंतर्राष्ट्रीय निष्पक्षता व न्याय को बनाए रखने और विश्व की बहुध्रुवीयता को बढ़ाने पर सहमत हुए। ताकि वे एशिया यहां तक कि दुनिया में शांति व विकास को बढ़ाने में योगदान दे सकें।