यासुकुनी मंदिर जैसे प्रमुख ऐतिहासिक मुद्दों पर जापान से सावधानी बरतने का चीन का आग्रह
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने सोमवार को राजधानी पेइचिंग में आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के यासुकुनी मंदिर सम्बंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, जापान से यासुकुनी मंदिर जैसे प्रमुख ऐतिहासिक मुद्दों पर सावधानीपूर्वक बोलने और कार्य करने का आग्रह किया।
लिन च्येन ने कहा कि यासुकुनी मंदिर जापानी सैन्यवाद द्वारा विदेशी आक्रामक युद्ध छेड़ने का आध्यात्मिक उपकरण और प्रतीक है, जहां आक्रमणकारी युद्ध में गंभीर अपराध करने वाले 14 श्रेणी-ए युद्ध अपराधियों की पूजा की जाती है। यासुकुनी मंदिर मुद्दे का सार यह है कि क्या जापान जापानी सैन्यवाद के आक्रमणकारी इतिहास को सही ढंग से पहचान सकता है और उस पर गहराई से विचार कर सकता है, यह मानवता की अंतरात्मा, चीन-जापानी संबंधों की राजनीतिक नींव और जापान की राष्ट्रीय विश्वसनीयता से जुड़ा है।
लिन च्येन ने जोर देकर कहा कि इतिहास को भूल जाना विश्वासघात है और अपराधों को नकारना दोबारा उन्हीं अपराधों को दोहराना है। इस वर्ष टोक्यो वॉर क्राइम्स ट्रायल की शुरुआत की 80वीं वर्षगांठ है, इस विशेष वर्ष में जापान को विशेष रूप से आक्रमणकारी इतिहास का सामना करना चाहिए और उस पर विचार करना चाहिए, यासुकुनी मंदिर जैसे प्रमुख ऐतिहासिक मुद्दों पर सावधानीपूर्वक कथनी और करनी जरूरी है, ताकि पुरानी गलतियों को न दोहराए और व्यावहारिक कार्यों के माध्यम से सैन्यवाद से पूरी तरह अलग हो सके।