भारत स्थित चीनी दूतावास ने 2026 के नववर्ष पर भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया

चित्र भारत में स्थित चीनी दूतावास से है
3 फ़रवरी 2026 को, भारत में स्थित चीनी दूतावास ने नई दिल्ली के शांगरी-ला होटल में नववर्ष स्वागत समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर भारतीय सरकार, विभिन्न राजनीतिक दलों, भारत में तैनात विदेशी राजनयिकों, मीडिया, व्यापार जगत, चीनी प्रवासी समुदाय, चीनी निवेशित संस्थानों तथा भारत में अध्ययनरत चीनी छात्र-छात्राएँ सहित कुल 580 अतिथियों ने भाग लिया।
राजदूत शू फ़ेइहोंग ने उपस्थित अतिथियों को घोड़े के वर्ष (घोड़े का वर्ष चीनी पारंपरिक चंद्र पंचांग के 12 पशु-आधारित राशिचक्र से संबंधित है) के अवसर पर नववर्ष की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 चीन की “चौदहवीं पंचवर्षीय योजना” का अंतिम वर्ष रहा, जिसमें चीन की आर्थिक कुल मात्रा 140 ट्रिलियन युआन (लगभग 20 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर) के नए स्तर पर पहुँच गई और वैश्विक आर्थिक वृद्धि में चीन का योगदान 30 प्रतिशत से अधिक रहा। राजदूत ने आगे कहा कि वैश्विक अस्थिरता और परिवर्तन के दौर में चीन ने वैश्विक शासन संबंधी पहल प्रस्तुत की है, जिसका उद्देश्य अधिक न्यायसंगत और संतुलित वैश्विक शासन प्रणाली का निर्माण करना है। इस पहल को अब तक 150 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ है।

चित्र भारत में स्थित चीनी दूतावास से है
पिछले वर्ष अगस्त में, भारत-चीन संबंध “पुनः आरंभ और नई शुरुआत” के चरण से आगे बढ़कर “नए स्तर पर उन्नयन” के दौर में प्रवेश कर गए, जिसके बाद द्विपक्षीय संबंधों में लगातार सुधार देखने को मिला। वर्ष 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 15,560 करोड़ अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जो वर्ष-दर-वर्ष 12 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इस अवधि में भारत का चीन को निर्यात 9.7 प्रतिशत बढ़ा। चीनी पक्ष ने कहा कि वह भारतीय पक्ष के साथ रणनीतिक समन्वय को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने, जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने तथा बहुपक्षीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए तत्पर है। चीन ने ब्रिक्स देशों के घूर्णन अध्यक्षता के रूप में भारत की भूमिका का समर्थन करते हुए वैश्विक दक्षिण के विकास और प्रगति को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने की इच्छा भी व्यक्त की।
चीनी प्रवासी समुदाय, चीन-निवेशित संस्थान तथा भारत में अध्ययनरत चीनी छात्र-छात्राएँ भारत-चीन आदान-प्रदान और सहयोग की महत्वपूर्ण सेतु हैं। आशा व्यक्त की गई कि वे आगे भी भारत-चीन संबंधों के विकास और द्विपक्षीय मित्रता को सुदृढ़ करने में सकारात्मक योगदान देते रहेंगे।
स्वागत समारोह में दूतावास के चीनी रसोइयों द्वारा विशेष रूप से तैयार की गई भुनी हुई बतख (पेइचिंग डक) ने चीनी पारंपरिक पाक-कला की सार्थकता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। वायलिन कॉन्सर्टो “मोगरा” और एरहू वादन “घुड़दौड़” ने पारंपरिक संस्कृति के आकर्षण को उजागर किया, जबकि “कल और भी बेहतर होगा” के सामूहिक गायन ने कार्यक्रम को चरम उत्कर्ष तक पहुँचा दिया।