उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाओं का स्थानीय स्तर तक प्रसार


तस्वीर में एक रोगी शानान शहर के चोंग्जे काउंटी तिब्बती अस्पताल में तिब्बती औषधि स्नान चिकित्सा लेता हुआ दिखाई दिया।(चित्र जन-दैनिक ऑनलाइन से है)

दस वर्षों से अधिक स्थानीय स्वास्थ्य सेवा के अनुभव वाले ताशी लोप स्थानीय स्वास्थ्य संसाधनों और वास्तविक ज़रूरतों के बीच असंगति की समस्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हैं। उन्होंने संवाददाता को जानकारी देते हुए कहा:“चिकित्सा कॉलेज के छात्र अधिकांशतः बड़े अस्पतालों में इंटर्नशिप करते हैं, इसलिए स्थानीय जन स्वास्थ्य प्रबंधन और दीर्घकालिक रोग निगरानी जैसी क्षमताओं से अपरिचित रहते हैं। वहीं स्थानीय स्वास्थ्यकर्मी भले ही उच्च अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण के लिए चुने जाएँ, अक्सर अपनी ड्यूटी के कारण इसमें शामिल नहीं हो पाते।”

ताशी लोप बताते हैं कि उनके केंद्र में केवल 20 कर्मचारी हैं, जिन्हें पूरे स्ट्रीट क्षेत्र की बुनियादी चिकित्सा, सार्वजनिक स्वास्थ्य, पारिवारिक डॉक्टर अनुबंध, सार्वजनिक स्वास्थ्य जांच, संक्रामक रोग नियंत्रण और वरिष्ठ नागरिक स्वास्थ्य देखभाल जैसी दर्जनों सेवाएँ संभालनी होती हैं। 2025 में, केंद्र में 12 हजार से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच हुई, लेकिन अंतिम निदान और प्रिस्क्रिप्शन केवल योग्य सामान्य चिकित्सक द्वारा ही किया जा सकता है, लेकिन वर्तमान में केंद्र में योग्य सामान्य चिकित्सक केवल 3 ही हैं।

ताशी लोप ने स्वीकार करते हुए बताया कि, “अब एक तरह का अंतर स्पष्ट हो गया है, जितना अधिक हम स्थानीय स्तर पर जाते हैं, तिब्बती औषधि की आपूर्ति उतनी ही कमजोर होती है। कई ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में दर्जनों कर्मचारियों में केवल एक ही तिब्बती चिकित्सक होता है, और अधिकांश सामान्य प्रयोग की जाने वाली तिब्बती औषधियाँ ग्रामीण स्तर पर उपलब्ध नहीं होतीं।

स्थानीय स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या कम होना, ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में तिब्बती चिकित्सकों की अपर्याप्त उपस्थिति, और तिब्बती औषधियों के प्रभावी उपयोग में आने वाली बाधाएँ आदि कारकों ने स्थानीय जनता की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा करने में गंभीर अड़चन पैदा की है। ताशी लोप ने इन परिस्थितियों को प्रत्यक्ष रूप से देखा और हृदय में महसूस किया, और इन्हें प्रतिनिधि प्रस्तावों के रूप में 2025 में स्वायत्त प्रदेश की दो-सत्रीय सभा में प्रस्तुत किया।

स्थानीय स्तर पर उत्कृष्ट सामान्य चिकित्सकों का चयन कर उन्हें शिक्षक भंडार में शामिल किया जाए, और प्रशिक्षण में समुदाय के वास्तविक मामलों का उपयोग किया जाए, ताकि प्रशिक्षण और पद के वास्तविक कार्यों के बीच पूर्ण समन्वय स्थापित हो सके।

साथ ही, “चिकित्सा विश्वविद्यालय + समुदाय” इंटर्नशिप बेस निर्माण लागू किया जाना चाहिए, जिससे चिकित्सा छात्र जल्द ही समुदाय से परिचित हों और समुदाय के चिकित्सक विश्वविद्यालय के कक्षाओं में जाकर सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान का “अंतिम मील” जोड़ सकें।

विशेष रूप से, “स्थानीय स्तर पर स्थानीय चिकित्सक तैयार करना” मॉडल के सुझाव पर स्वायत्त प्रदेश स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य आयोग समेत संबंधित विभागों से शीघ्र ही जवाब मिला।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर से प्रतिवर्ष 70 लाख युआन और स्वायत्त प्रदेश की वित्तीय व्यवस्था से प्रतिवर्ष 2 करोड़ युआन कृषि एवं पशुपालन क्षेत्रों के तीन स्तर के स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण पर खर्च किए जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप “स्थानीय स्तर पर स्थानीय चिकित्सक तैयार करना” मॉडल, प्रोत्साहन नीतियों का कार्यान्वयन और तिब्बती औषधि की विशेषताओं का प्रभावी उपयोग अब व्यवहारिक रूप से संभव और सुगम हो गया है।

ताशी लोप बड़ी आशा और उत्साह के साथ यह उम्मीद जताते हैं कि भविष्य में और अधिक विशेषज्ञ पेशेवर स्थानीय स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में शामिल होंगे, ताकि साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाली सेवा मॉडल और तकनीकी साधनों का विकास किया जा सके। इसका उद्देश्य स्थानीय निवासियों को और अधिक व्यापक, सुविधाजनक और कुशल स्वास्थ्य सेवा प्रदान करना है, जिससे स्थानीय चिकित्सक और तिब्बती औषधि क्षेत्र सबसे भरोसेमंद स्वास्थ्य “रक्षक” बन सकें।