2025 में शीत्सांग में 2.44 लाख एकड़ क्षेत्र में नया वनीकरण

चित्र VCG से है
शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश से मिली जानकारी के अनुसार, 2025 में शीत्सांग में नए वनीकरण का क्षेत्र 2.44 लाख एकड़ तक पहुँच गया, जिसमें उत्तर-दक्षिण हरितीकरण परियोजना के तहत 70.8 हज़ार एकड़, अवनत घासभूमि की बहाली में 8.5 लाख एकड़ और मृदा एवं जल संरक्षण कार्य में 37.9 हज़ार एकड़ शामिल हैं।
2025 में शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की पहली 4A级“शून्य‑कचरा शहर” सूची घोषित की गई। साथ ही, कृत्रिम वनीकरण कार्बन‑सिंक की आधारभूत जांच और व्यापारिक परीक्षण परियोजनाएं शुरू की गईं। पूरे प्रदेश में पर्यावरणीय वायु गुणवत्ता की उत्कृष्ट दिनों की हिस्सेदारी 99% से अधिक बनी रही, जबकि प्रमुख नदियों‑झीलों और पेयजल स्रोतों की जल गुणवत्ता 100% मानक पर खरी उतरी। “चौदहवीं पंचवर्षीय योजना” अवधि में, शीत्सांग के सभी 7 प्रीफेक्चर‑स्तरीय शहरों को राष्ट्रीय पारिस्थितिकी और पर्यावरण निर्माण के मॉडल क्षेत्र के रूप में विकसित किया गया।
2026 में शीत्सांग नदी‑झील प्रबंधक प्रणाली और वन‑प्रबंधक प्रणाली को और गहराई से लागू करेगा तथा यारलुंग त्संगपो नदी बेसिन सहित प्रमुख क्षेत्रों में पारिस्थितिक पुनर्स्थापन परियोजनाएं संचालित की जाएंगी। वर्ष भर में 65.9 हज़ार एकड़ से अधिक वनीकरण पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें उत्तर–दक्षिण पर्वत हरितीकरण परियोजना के तहत लगभग 32.9 हज़ार एकड़, 3.62 लाख एकड़ अवनत घासभूमि की बहाली, 41.2 हज़ार एकड़ क्षेत्र में मृदा‑जल संरक्षण कार्य तथा 16.47करोड़ एकड़ क्षेत्र में घासभूमि निषेध‑चराई और घास‑पशु संतुलन उपाय शामिल हैं। शीत्सांग राष्ट्रीय उद्यानों के निर्माण को भी सक्रिय रूप से आगे बढ़ाएगा, जिसमें लिंची राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का निर्माण और तिब्बती सरू संरक्षण स्थल की स्थापना शामिल है। इसके साथ ही, प्रदेश में पाँच‑वर्षीय पारिस्थितिक‑पर्यावरणीय क्षेत्रीय नियंत्रण का गतिशील मूल्यांकन किया जाएगा, जिसमें घासभूमि कार्बन‑सिंक कार्यक्षमता का आकलन और कार्बन स्थिरीकरण व अवशोषण बढ़ाने के मॉडल पर शोध शामिल है तथा वन‑घास कार्बन‑सिंक परियोजनाओं के व्यापार को भी बढ़ावा दिया जाएगा।