वांग यी ने रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव के साथ रणनीतिक वार्ता की

(CRI)13:35:43 2026-02-03

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय विदेश मामलों के कार्यालय के निदेशक वांग यी ने 1 फरवरी को पेइचिंग में रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु के साथ रणनीतिक वार्ता की।

वांग यी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से शोइगु की चीन यात्रा का स्वागत करते हुए कहा कि विश्व वर्तमान में बढ़ती उथल-पुथल और जटिलताओं का सामना कर रहा है, और "जंगल के कानून" की ओर लौटने का वास्तविक खतरा मंडरा रहा है। प्रमुख विश्व शक्तियों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में, चीन और रूस का यह दायित्व और कर्तव्य है कि वे वास्तविक बहुपक्षवाद का अभ्यास करें, संयुक्त राष्ट्र पर केंद्रीय अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को कायम रखें, एक समान और व्यवस्थित बहुध्रुवीय विश्व, समावेशी आर्थिक वैश्वीकरण की वकालत करें और अधिक न्यायपूर्ण व उचित वैश्विक शासन प्रणाली के निर्माण को बढ़ावा दें।

वांग यी ने कहा कि चीन और रूस एक-दूसरे के सबसे बड़े पड़ोसी और नए युग में व्यापक रणनीतिक सहयोगी साझेदार हैं। दोनों देशों को द्विपक्षीय सम्बंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर घनिष्ठ संवाद बनाए रखना चाहिए और एक-दूसरे के मूल हितों से सम्बंधित मुद्दों पर आपसी सहयोग बढ़ाना चाहिए। दोनों राष्ट्राध्यक्षों का नेतृत्व चीन-रूस सम्बंधों के उच्च स्तरीय विकास के लिए सबसे बड़ी श्रेष्ठता और मूलभूत गारंटी है। चीन रूस के साथ दोनों राष्ट्राध्यक्षों द्वारा हासिल की गई महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने और नए साल में चीन-रूस सम्बंधों में एक नया अध्याय शुरू करने को तैयार है।

शोइगु ने कहा कि साल की शुरुआत से ही वैश्विक स्थिति अस्थिर रही है और लगातार सुरक्षा सम्बंधी तनावपूर्ण स्थितियां उत्पन्न हो रही हैं। रूस हमेशा से एक-चीन सिद्धांत का पालन करता रहा है, थाइवान जलडमरूमध्य में स्थिरता को कमजोर करने वाली शत्रुतापूर्ण शक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखता रहा है और जापान द्वारा "पुन: सैन्यीकरण" को तेज़ करने के प्रयासों का दृढ़ता से विरोध करता रहा है। रूस चीन के साथ एक दूसरे का दृढ़ता से समर्थन करना जारी रखने, द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने, बहुपक्षीय तंत्रों के भीतर समन्वय बढ़ाने, रूस-चीन सम्बंधों के उच्च स्तरीय विकास की गति को संयुक्त रूप से बनाए रखने और अधिक न्यायपूर्ण और उचित बहुध्रुवीय विश्व के निर्माण को बढ़ावा देने को तैयार है।

दोनों पक्षों ने साझा चिंताओं से सम्बंधित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी गहन चर्चा की।