चीनी प्रधानमंत्री ने अपने ब्रिटिश समकक्ष के साथ वार्ता की

(CRI)14:58:12 2026-01-30

चीन के प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 29 जनवरी की दोपहर बाद पेइचिंग में चीन की औपचारिक यात्रा पर आए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ वार्ता की।

वार्ता के दौरान ली छ्यांग ने कहा कि चीन और ब्रिटेन का खुलेपन, सहयोग, पारस्‍परिक लाभ और साझा जीत पर कायम रहना दोनों देशों के समान हित के अनुरूप है। उन्होंने कहा कि चीन ब्रिटेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों के स्थिर और दीर्घकालिक विकास को बढ़ाने के लिए तैयार है। यह न केवल दोनों पक्षों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थिति में उत्पन्न जोखिमों से निपटने और समान विकास को प्रोत्साहित करने में सहायक होगा, बल्कि वैश्विक शांति और स्थिरता में भी अधिक सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।

ली छ्यांग ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों को अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करना चाहिए। साथ ही, वित्तीय नियमन और वित्तीय बाज़ारों के पारस्‍परिक संपर्क को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। उन्होंने आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, प्रगतिशील विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और आधुनिक परिवहन सेवाओं जैसे नवोदित क्षेत्रों में सहयोग को और गहराने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

चीन के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में एकतरफ़ावाद, संरक्षणवाद और प्रभुत्ववाद का प्रसार देखा जा रहा है। इस स्थिति में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में चीन और ब्रिटेन को प्रमुख देशों की ज़िम्मेदारी निभाते हुए बहुपक्षीय संवाद को मज़बूत करना चाहिए, शासन-घाटे से जुड़े प्रश्नों के समाधान में सहयोग को सुदृढ़ करना चाहिए तथा संयुक्त राष्ट्र की प्रतिष्ठा, बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार की रक्षा करनी चाहिए।

वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन और चीन के बीच सर्वांगीण रणनीतिक साझेदारी का स्थिर और दीर्घकालिक विकास न केवल दोनों देशों के हित में है, बल्कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि, समृद्धि और सतत विकास के लिए भी लाभदायक है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन पारस्‍परिक सम्मान, ईमानदारी और खुलेपन की भावना के साथ चीन के साथ विभिन्न स्तरों और क्षेत्रों में आदान–प्रदान को प्रोत्साहित करना चाहता है। ब्रिटेन खुले और मुक्त व्यापार का समर्थन करता है और व्यापार, वित्त, निवेश, विनिर्माण, सेवा तथा संस्कृति के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना चाहता है।

वार्ता के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों की उपस्थिति में व्यापार, कृषि और खाद्यान्न, मीडिया, शिक्षा तथा बाज़ार निगरानी से संबंधित कई सहयोगी दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए गए।