शी चिनफिंग ने जिम्बाब्वे के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिकों को जवाबी पत्र भेजा
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 28 जनवरी को जिम्बाब्वे के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिकों को जवाबी पत्र भेजा। शी चिनफिंग ने अपने पत्र में कहा कि आप सभी ने युवावस्था में राष्ट्रीय मुक्ति के महान अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया और इस संघर्ष के दौरान चीन के साथ गहरी मित्रता स्थापित की। उन्होंने उल्लेख किया कि आज भी आप लोग चीन-जिम्बाब्वे और चीन-अफ़्रीका मित्रता के प्रति गहरी चिंता और अपनापन बनाए हुए हैं, जो अत्यंत प्रेरणादायक और भावनात्मक है।
राष्ट्रपति शी ने ज़ोर देकर कहा कि वर्ष 2026 चीन और अफ़्रीका के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगाँठ तथा “चीन–अफ़्रीका सांस्कृतिक आदान-प्रदान वर्ष” है। पिछले 70 वर्षों में चीन हमेशा अफ़्रीका की राष्ट्रीय मुक्ति और विकास यात्रा का सच्चा सहयोद्धा और विश्वसनीय साझेदार रहा है।
शी चिनफिंग ने कहा कि चीन, चीन–अफ़्रीका सहयोग मंच के पेइचिंग शिखर सम्मेलन की उपलब्धियों के कार्यान्वयन को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में लेते हुए, अफ़्रीकी देशों के साथ पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने और द्विपक्षीय संबंधों का और भी उज्ज्वल भविष्य गढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिम्बाब्वे के ये पूर्व सैनिक अधिक से अधिक अफ़्रीकी युवाओं को चीन–जिम्बाब्वे और चीन–अफ़्रीका मित्रता के कार्य में आगे आने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि नए युग में हर मौसम में अडिग रहने वाले चीन–अफ़्रीका साझा भविष्य वाले समुदाय का निर्माण हो सके।
उल्लेखनीय है कि नये चीन की स्थापना के बाद से ही चीन ने अफ़्रीका में साम्राज्यवाद और उपनिवेशवाद के विरोध तथा राष्ट्रीय मुक्ति आंदोलनों का दृढ़तापूर्वक समर्थन किया है। हाल ही में जिम्बाब्वे के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिकों ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति शी चिनफिंग को पत्र लिखकर जिम्बाब्वे के लिए चीन द्वारा लंबे समय से दिए जा रहे समर्थन के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे दोनों देशों के साझा भविष्य वाले समुदाय पर अत्यधिक गर्व महसूस करते हैं और चीन–जिम्बाब्वे मित्रता को सहेजने और आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे।