चीन ने अब तक 31 देशों और क्षेत्रों के साथ 24 मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए
26 जनवरी को चीनी राज्य परिषद के सूचना कार्यालय ने वर्ष 2025 में व्यवसायिक कार्यों और आर्थिक संचालन से संबंधित स्थिति पर एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की। प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान संबंधित अधिकारियों ने जानकारी दी कि चीन ने अब तक 31 देशों और क्षेत्रों के साथ कुल 24 मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। मुक्त व्यापार साझेदार अब चीन के कुल माल व्यापार का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में खुलासा हुआ कि चीन में इनबाउंड उपभोग (विदेशी पर्यटकों द्वारा किया गया खर्च) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वीज़ा-मुक्त देशों के दायरे के विस्तार तथा कर वापसी नीतियों के अनुकूलन और उन्नयन के साथ “चीन की यात्रा” और “चीन में ख़रीदारी” जैसी अवधारणाएँ लगातार लोकप्रिय बनी हुई हैं। कर वापसी के योग्य वस्तुओं की बिक्री वर्ष 2025 में लगभग दोगुनी हो गई। वहीं, 240 घंटे की वीज़ा-मुक्त पारगमन नीति लागू होने के बाद से एक वर्ष के भीतर वीज़ा-मुक्त प्रवेश करने वाले विदेशी आगंतुकों की संख्या में लगभग 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस में यह भी बताया गया कि वर्ष 2025 में उपभोग वस्तुओं की कुल खुदरा बिक्री पहली बार 500 खरब युआन के स्तर को पार कर गई और 501 खरब युआन तक पहुँची, जो 3.7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाती है। आर्थिक विकास में उपभोग क्षेत्र का योगदान 52 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो वर्ष 2024 की तुलना में 5 प्रतिशत अंकों की वृद्धि है।
इसके साथ ही, प्रेस कॉन्फ़्रेंस में घोषणा की गई कि वर्ष 2026 में चीन सेवा उद्योग के विस्तार पर विशेष ध्यान देगा। इस दौरान बाज़ार पहुँच और खुलेपन के नए क्षेत्रों को और विस्तारित किया जाएगा। दूरसंचार, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में स्वायत्त रूप से खुलेपन का दायरा व्यवस्थित रूप से बढ़ाया जाएगा।
उन के अलावा चीनी वाणिज्य मंत्रालय के विदेश व्यापार विभाग के महानिदेशक वांग जीहुआ ने कहा कि वर्ष 2025 में चीन और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों के रणनीतिक मार्गदर्शन के तहत दोनों देशों ने समानता, परस्पर सम्मान और पारस्परिक लाभ की भावना का पालन करते हुए आर्थिक और व्यापारिक परामर्श के पाँच दौर आयोजित किए। इन संवादों से कई सकारात्मक उपलब्धियाँ हासिल हुईं, जो इस तथ्य को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं कि चीन और अमेरिका समानता तथा आपसी संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान तलाश सकते हैं।