चीन ने अमेरिकी हस्तक्षेप पर जताई कड़ी आपत्ति, चीन-म्यांमार और चीन-ब्रिटेन संबंधों पर दिया जोर

(CRI)10:13:08 2026-01-27

26 जनवरी को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क्वो च्याखुन ने नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित की। सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार ने पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका के बढ़ते निवेश और मध्य अमेरिकी देशों की हालिया यात्रा के दौरान अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की चीन पर विशेष स्थापित समिति के अध्यक्ष मोलेना द्वारा दिए गए वक्तव्यों के बारे में प्रश्न पूछा।

जवाब में क्वो च्याखुन ने कहा कि चीन, मध्य अमेरिकी देशों और चीन के बीच सामान्य आदान-प्रदान में हस्तक्षेप करने वाले कुछ अमेरिकी राजनेताओं के कार्यों का दृढ़ता से विरोध करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं, जो केवल संबंधित व्यक्तियों के वैचारिक पूर्वाग्रहों और शीत युद्ध मानसिकता को उजागर करते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि चीन ने हमेशा मध्य अमेरिकी देशों के साथ अपने सहयोग में पारस्परिक सम्मान, समानता, खुलेपन, समावेशिता और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों का पालन किया है। इस नीति से स्थानीय जनता को वास्तविक लाभ पहुँचे हैं और संबंधित देशों ने इसका स्वागत किया है।

चीन-म्यांमार संबंधों पर बोलते हुए क्वो च्याखुन ने कहा कि चीन और म्यांमार पारंपरिक रूप से अच्छे पड़ोसी और मित्र हैं। म्यांमार के प्रति चीन की मैत्रीपूर्ण नीति सदैव म्यांमार के समस्त लोगों के प्रति रही है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग से सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, जिससे म्यांमार के लोगों के जीवन स्तर में सुधार और आर्थिक विकास को बल मिला है। चीन, म्यांमार के साथ व्यापक रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

चीन-ब्रिटेन संबंधों पर चर्चा करते हुए क्वो च्याखुन ने कहा कि वर्तमान जटिल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में चीन और ब्रिटेन के लिए अपने आदान-प्रदान और सहयोग को सुदृढ़ बनाना दोनों देशों और पूरे विश्व के हित में है।

दक्षिण कोरिया के पूर्व प्रधानमंत्री ली हे-चान के निधन से संबंधित प्रश्न पर क्वो च्याखुन ने गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि श्रीमान् ली एक अनुभवी दक्षिण कोरियाई राजनीतिज्ञ थे, जिन्होंने कई बार चीन की यात्रा की और चीन-दक्षिण कोरिया संबंधों को प्रगाढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। चीन उनके निधन पर शोक व्यक्त करता है और उनके परिवार के प्रति अपनी हार्दिक सहानुभूति प्रकट करता है।