लक्सर में चीन-मिस्र संयुक्त टीम ने खोजी प्राचीन “दक्षिणी पवित्र झील”

कर्नाक मोंटू मंदिर परिसर में एक पवित्र झील की इमारत के अवशे।
स्थानीय समयानुसार 24 जनवरी को मिस्र के लक्सर प्रांत स्थित मोंटू मंदिर में चीन-मिस्र संयुक्त पुरातत्व दल ने घोषणा की कि उन्होंने कर्नाक मोंटू मंदिर परिसर में एक पवित्र झील की इमारत के अवशेषों को सफलतापूर्वक उजागर और साफ़ किया है। यह संरचना अब तक अज्ञात थी।
यह खोज चीन की सामाजिक विज्ञान अकादमी के पुरातत्व संस्थान और मिस्र के पर्यटन एवं पुरावशेष मंत्रालय द्वारा संगठित संयुक्त पुरातत्व टीम ने की है। नई खोजी गई पवित्र झील मोंटू मंदिर परिसर के भीतर माआट मंदिर के पश्चिमी भाग में स्थित है। लगभग 50 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैली यह कृत्रिम जल भंडारण संरचना अच्छी तरह से संरक्षित है और अपनी सुव्यवस्थित वास्तुकला के लिए विशिष्ट है।

चीन-मिस्र संयुक्त पुरातत्व दल ने कर्नाक मोंटू मंदिर परिसर के अवशेषों को साफ़ किया।
पहले से ज्ञात मोंटू मंदिर की पवित्र झील के साथ मिलकर यह नई खोज मंदिर परिसर के एक अद्भुत स्थापत्य विन्यास को दर्शाती है जहाँ मंदिर की दीवारों के भीतर उत्तर और दक्षिण, दो पवित्र झीलें एक-दूसरे के समानांतर स्थित हैं। इस आधार पर नई झील को “दक्षिणी पवित्र झील” कहा गया है।
गौरतलब है कि प्रारंभिक पुरातात्विक अभिलेखों में “दक्षिणी पवित्र झील” का कोई उल्लेख नहीं मिलता। इसकी खोज से कर्नाक मंदिर परिसर के बारे में लोगों की समझ में और सुधार हुआ है, जिसका श्रेय चीन और मिस्र के पुरातत्त्ववेत्ताओं के संयुक्त प्रयासों और गहन सहयोग को जाता है।