चीन की हरित उत्पादन क्षमता ग्लोबल साउथ के विकास के लिए व्यापक अवसर प्रदान करती है: चीनी विदेश मंत्रालय
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने 21 जनवरी को राजधानी पेइचिंग में आयोजित एक नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा कि चीन की हरित उत्पादन क्षमता न केवल उसकी अपनी ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली को सुदृढ़ करती है, बल्कि ग्लोबल साउथ के देशों के लिए कम कार्बन उत्सर्जन वाले क्षेत्रों में तेज़ी से विकास के व्यापक अवसर भी प्रस्तुत करती है।
रिपोर्टों के अनुसार, नवीनतम आँकड़ों से यह स्पष्ट हुआ है कि वर्ष 2025 में चीन की वार्षिक बिजली खपत 100 खरब किलोवाट-घंटे से अधिक पहुँच गई, जिसमें जीवाश्म ईंधन रहित ऊर्जा की स्थापित क्षमता 60 प्रतिशत से ऊपर रही। यह चीन की ऊर्जा आपूर्ति संरचना में हरित ऊर्जा के प्रमुख स्थान को दर्शाती है। कई विदेशी मीडिया टिप्पणीकारों ने अपनी विश्लेषण रिपोर्टों में कहा है कि चीन अब वैश्विक स्तर पर हरित उत्पादन क्षमता में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
इस संदर्भ में प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने कहा कि चीनी कंपनियों के उच्च गुणवत्ता वाले और किफायती नए ऊर्जा उत्पाद तथा प्रौद्योगिकियाँ विकासशील देशों की टिकाऊ एवं सस्ती ऊर्जा की तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। ये प्रौद्योगिकियाँ जीवाश्म ईंधनों का एक व्यावहारिक विकल्प प्रस्तुत करती हैं और हरित विकास के लिए एक नया मार्ग खोलती हैं।
अफ्रीका का उदाहरण देते हुए कुओ च्याखुन ने बताया कि हाल के वर्षों में चीन ने आधे से अधिक अफ्रीकी देशों के साथ स्वच्छ ऊर्जा सहयोग समझौते किए हैं और सैकड़ों नई ऊर्जा परियोजनाएँ शुरू की गई हैं। इन प्रयासों ने अफ्रीका के प्रचुर संसाधनों को विकास के नए इंजनों में परिवर्तित किया है। उन्होंने उल्लेख किया कि "फोटोवोल्टाइक + कृषि" और "लघु जलविद्युत + मत्स्य पालन" जैसे मॉडल न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी की समस्या को प्रभावी ढंग से कम कर रहे हैं, बल्कि स्थानीय जनता की आजीविका सुधारने और आर्थिक-सामाजिक विकास को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
प्रवक्ता कुओ ने यह भी कहा कि हरित परिवर्तन न केवल मानव समाज के सतत विकास के लिए आवश्यक है, बल्कि यह सभी देशों के समान विकासाधिकार की बेहतर सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने कहा कि चीन स्वच्छ, सुंदर और सतत विश्व के निर्माण के लिए सभी साझेदार देशों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।