चीन आसपास के क्षेत्र में "प्रभाव क्षेत्र" स्थापित करने के विपरीत साझा भविष्य वाला समुदाय बनाना चाहता है

(CRI)08:45:18 2026-01-22


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने 21 जनवरी को पेइचिंग में नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस आयोजित किया।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुओ च्याखुन ने 21 जनवरी को पेइचिंग में आयोजित नियमित प्रेस कॉन्फ़्रेंस में एशियाई सुरक्षा से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए चीन की नीति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि परिवर्तन और अनिश्चितता से भरी मौजूदा वैश्विक परिस्थिति में एशिया को विकास और समृद्धि के एक महत्वपूर्ण वैश्विक केंद्र के रूप में व्यापक मान्यता मिली है। यह स्थिति सहज रूप से प्राप्त नहीं हुई है, बल्कि वर्षों के प्रयासों का परिणाम है, इसलिए इसे संजोकर रखना सभी के हित में है।

कुओ च्याखुन ने कहा कि चीन हमेशा इस बात पर ज़ोर देता रहा है कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का सख़्ती से पालन किया जाना चाहिए। इसके तहत सभी देशों की राष्ट्रीय संप्रभुता और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान आवश्यक है, और देशों के बीच मौजूद विवादों तथा मतभेदों को संवाद और बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीन अपने पड़ोसी देशों के साथ भू-राजनीतिक टकराव में पड़ने के बजाय अच्छे पड़ोसी संबंधों को प्राथमिकता देता है। चीन आसपास के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का "प्रभाव क्षेत्र" स्थापित करने की कोशिश नहीं करता, बल्कि साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। इसी तरह, चीन किसी एक देश के प्रभुत्व की सोच का समर्थन नहीं करता, बल्कि सभी संबंधित पक्षों के साथ मिलकर विचार-विमर्श और साझा निर्णय की प्रक्रिया को महत्व देता है।

प्रवक्ता ने यह भी दोहराया कि चीन अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का मज़बूत समर्थक है। उन्होंने कहा कि चीन संबंधित देशों के साथ मिलकर साझा सुरक्षा की अवधारणा को आगे बढ़ाना चाहता है, जिसमें मतभेदों को किनारे रखकर आम सहमति की तलाश की जाए और संवाद व परामर्श पर आधारित एशियाई सुरक्षा मॉडल को मज़बूत किया जाए। उनका कहना था कि इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के ज़रिये अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की संयुक्त रूप से रक्षा की जा सकती है।