युवा उत्साह से छिंगहाई–शीत्सांग पठार के बच्चों के सपनों को नई रोशनी

अगस्त 2025 में, शानक्सी नॉर्मल विश्वविद्यालय के 46 स्नातक चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने छिंगहाई–शीत्सांग पठार की धरती पर कदम रखा और तीन महीने की इंटर्नशिप-आधारित शिक्षण सहायता गतिविधि आरंभ की। उनमें से कुछ के लिए यह पहली बार उच्चभूमि पर पहुँचना था, जबकि कुछ छात्र अपने परिचित गृहक्षेत्र में लौटे थे।
अली क्षेत्र में जन्मे-पले दानज़ेंग लुओझुओ ने बिना किसी हिचक के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश स्थित ल्हासा–अली क्षेत्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को अपनी इंटर्नशिप के लिए चुना। उन्होंने कहा, “इस विद्यालय के अधिकांश छात्र अली से आते हैं। मैं अपनी सीमित क्षमता में योगदान देकर उनके जीवन में कुछ सकारात्मक बदलाव लाना चाहता हूँ और उन्हें व्यापक दुनिया को देखने का अवसर देना चाहता हूँ।”
समान जीवन अनुभव ने दानज़ेंग लुओझुओ को छात्रों के साथ जल्दी ही घुल-मिल जाने में मदद की, और उनकी कक्षा हमेशा “अली की विशेषताओं” से परिपूर्ण रहती। जब वह फ़ंक्शन और ठोस ज्यामिति जैसी जटिल और अमूर्त विषयवस्तु पढ़ाते, तो वे अली के चरागाह और पहाड़ी रास्तों का उदाहरण देकर छात्रों को परिचित दृश्यों में ले जाते, जिससे जटिल अवधारणाएँ भी जीवंत हो जाती थीं। दानज़ेंग लुओझुओ ने कहा, “जब मैं छात्रों की आंखों में उलझन की जगह स्पष्ट समझ देखते हूँ, तो मुझे अत्यंत संतोष मिलता है, और यह मेरी यह ठान लेने की भावना और मजबूत कर देता है कि स्नातक होने के बाद मैं अपने गृहक्षेत्र में शिक्षण कार्य करूँगा।”

2010 से, शानक्सी नॉर्मल विश्वविद्यालय ने लगातार 15 वर्षों तक 1,000 से अधिक शिक्षण स्नातकों को शीत्सांग के 20 से अधिक विद्यालयों में इंटर्नशिप-आधारित शिक्षण सहायता के लिए भेजा। इनमें से 80 प्रतिशत से अधिक छात्र इंटर्नशिप समाप्त होने के बाद शीत्सांग में ही शिक्षण कार्य जारी रखते हुए शीघ्र ही शिक्षक समुदाय में “मजबूत रीढ” के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पिछले 15 वर्षों में, शानक्सी नॉर्मल विश्वविद्यालय की यह इंटर्नशिप-आधारित शिक्षण सहायता युवाओं की लगातार चल रही एक ऊर्जा भरी कड़ी रही है। इन इंटर्न शिक्षकों ने केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा की अवधारणाएँ और उन्नत शिक्षण विधियाँ ही नहीं दीं, बल्कि हर छात्र में सपनों और व्यक्तिगत विकास के बीज भी बोए।
ल्हासा–अली क्षेत्रीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य वू बो ने कहा, “इन इंटर्न शिक्षकों ने शीत्सांग के बच्चों के दृष्टिकोण का विस्तार किया और उनकी सीखने की रुचि को जाग्रत किया। इससे बच्चों की अध्ययन संबंधी सोच में धीरे-धीरे परिवर्तन आया, और साथ ही उन्होंने बड़े मंच पर सीखने और विकास करने की आकांक्षा भी जगाई।”