शीत्सांग में अनाज उत्पादन ने फिर छुआ नया उच्च स्तर

शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण कार्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025 में पूरे प्रदेश का कुल अनाज उत्पादन 11.5 लाख टन तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20,500 टन अधिक है और 1.81 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। यह अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुँच गया है। इनमें जौ का उत्पादन पहली बार 9 लाख टन के आँकड़े को पार करते हुए 9.053 लाख टन तक पहुँचा, जो वर्ष-दर-वर्ष 17,600 टन अथवा 1.98 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

कृषि एवं ग्रामीण कार्य विभाग ने अनाज एवं तिलहन फसलों की बड़े पैमाने पर प्रति इकाई उपज बढ़ाने को स्थिर उत्पादन और समृद्ध फसल का प्रमुख उपाय माना है। इसके तहत उन्नत खेत, उन्नत बीज, आधुनिक कृषि मशीनरी और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के समन्वित उपयोग को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही "प्रशासन + विशेषज्ञ" कार्य-प्रणाली स्थापित करते हुए लगभग 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में उच्च मानक वाले जौ के मानकीकृत उत्पादन आधार का निर्माण किया जा रहा है।

नीतिगत समर्थन के स्तर पर विभाग द्वारा उर्वरक, कृषि मशीनरी, कीटनाशक और उन्नत बीजों पर किसान-हितैषी सब्सिडी योजनाएँ निरंतर लागू की जा रही हैं। "एक छिड़काव, अनेक प्रोत्साहन" योजना के अनुदान मानकों में वृद्धि की गई है, जौ की बड़ी खेती के लिए बीज मूल्य अंतर सब्सिडी के पायलट दायरे का विस्तार किया गया है, जिससे किसानों में अनाज उत्पादन और प्रति इकाई उपज बढ़ाने के प्रति उत्साह को प्रभावी रूप से प्रोत्साहन मिला है।