140  ट्रिलियन युआन GDP आँकड़ा, दुनिया के प्रति चीन का आत्मविश्वास स्पष्ट

19 जनवरी को, चीन की अर्थव्यवस्था का वर्ष 2025 का "वार्षिक प्रतिवेदन" जारी किया गया। इसके अनुसार आर्थिक कुल आकार पहली बार 140 ट्रिलियन युआन के स्तर को पार किया और पिछले साल की तुलना में 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिस से अनुमान है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था वृद्धि में चीन का योगदान लगभग 30 प्रतिशत तक रहने का अनुमान है।

चीन की अर्थव्यवस्था में आई छलांग दुनिया के लिए क्या अर्थ है? इसका उत्तर स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व अर्थिक मंच की 2026 वार्षिक बैठक में तलाशा जा सकता है। इस वर्ष की बैठक का विषय "संवाद की भावना" है, और इसी के तहत आयोजकों ने कई प्रमुख प्राथमिक विषय निर्धारित किए हैं, जैसे: बढ़ती प्रतिस्पर्धा वाली दुनिया में सहयोग कैसे किया जाए? नए विकास-प्रेरकों को कैसे विकसित किया जाए? लोगों में अधिक प्रभावी ढंग से निवेश कैसे किया जाए? ज़िम्मेदार तरीके से नवाचार के व्यापक उपयोग को कैसे बढ़ावा दिया जाए? पृध्वी की पर्यावरणीय सीमाओं को बनाए रखते हुए सतत समृद्धि कैसे सुनिश्चित की जाए?    

वर्ष 2025 में, चीन के अनुसंधान एवं विकास(R&D) व्यय की तीव्रता ने 2.8 प्रतिशत के स्तर तक पहुँच गई, जो पहली बार अर्थिक सहयोग और विकास संगठन(OECD) देशों के औसत स्तर से अधिक है। निर्धारित आकार से ऊपर के डिजिटल उत्पाद विनिर्माण उद्योग का मूल्यवर्धन पिछले वर्ष की तुलना में 9.3 प्रतिशत बढ़ा। एआई, क्वांटम प्रौद्योगिकी और मस्तिष्क–कंप्यूटर इंटरफ़ेस जैसे अग्रणी क्षेत्रों में एक के बाद एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धियाँ सामने आईं। इसी अवधि में, नई ऊर्जा वाहनों की घरेलू नई कार बिक्री में हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक हो गई। नई गुणवाली उत्पादन शक्तियाँ निरंतर विकसित और सुदृढ़ हो रही हैं, जो चीनी अर्थव्यवस्था को "मात्रात्मक छलांग" और "गुणात्मक उन्नयन" हासिल करने का आधार प्रदान कर रही हैं, और साथ ही विभिन्न देशों के लिए विकास की नई गति गढ़ने के संदर्भ में गहन प्रेरणा भी उपलब्ध करा रही हैं।

"15वीं पंचवर्षिय योजना" के चरण में प्रवेश करते हुए, आने वाले पाँच वर्षों में चीन के अर्थिक और समाजिक विकास का भव्य खाका दुनिया के लिए अवसरों की एक "सूची" प्रस्तुत करता है। उच्च गुणवत्ता वाले विकास और उच्च स्तर के खुलेपन पर दृढ़ रहने वाला चीन, विश्व में और अधिक निश्चितता तथा नई गति का विकास-ऊर्जा का संचार करने में और भी ठोस काम उठाएगा, और साझा विकास व परस्पर समृद्धि को आगे बढ़ाने हेतु आवश्यक पहल करेगा।