"2025 चीन-भारत संबंधों के विकास और मीडिया की जिम्मेदारी सर्वेक्षण रिपोर्ट" प्रकाशित


"2025 चीन-भारत संबंधों के विकास और मीडिया की जिम्मेदारी सर्वेक्षण रिपोर्ट" का कवर। (पीपुल्स पिक्टोरियल)

16 जनवरी को "2025 चीन-भारत संबंधों के विकास और मीडिया की जिम्मेदारी पर सर्वेक्षण रिपोर्ट" औपचारिक रूप से जारी की गई। यह जनमत सर्वेक्षण चीन के विदेशी भाषा ब्यूरो के मध्य एवं पूर्वी यूरोप तथा मध्य और दक्षिण एशिया संचार केंद्र (पीपुल्स पिक्टोरियल) और भारत के प्रतिष्ठित थिंक टैंक ग्लोबल साउथ जियो-इकोनॉमिक सेंटर तथा शंघाई अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान के दक्षिण एशिया अध्ययन केंद्र द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया। यह सर्वेक्षण अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच चीन और भारत दोनों देशों में एक साथ संपन्न हुआ।

यह जनमत सर्वेक्षण चीन–भारत संबंधों में क्रमिक रूप से आ रही सकारात्मकता, तथा दोनों देशों के बीच बहु-स्तरीय संवाद और सहयोग की पुनर्बहाली की पृष्ठभूमि में किया गया। दोनों देशों की प्रामाणिक संस्थाओं द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस सर्वेक्षण का उद्देश्य वैज्ञानिक और वस्तुनिष्ठ जनमत मापन के माध्यम से द्विपक्षीय संबंधों को लेकर जनता की अपेक्षाओं, सहयोग की इच्छा और अवरोधक कारकों जैसे आयामों पर उनकी धारणाओं का अध्ययन करना है। साथ ही, इसमें जनमत के निर्माण और आपसी समझ को बढ़ाने में मीडिया द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारी और उसकी भूमिका का विशेष रूप से आकलन किया गया है, तथा तुलनात्मक विश्लेषण के माध्यम से चीन–भारत संबंधों की वर्तमान जटिल वास्तविक स्थिति और उनके भविष्य के विकास रुझानों को भी उजागर किया गया है।

इस सर्वेक्षण में मानकीकृत प्रश्नावली पद्धति अपनाई गई, जिसमें कुल 28 प्रमुख प्रश्न शामिल थे। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों को संयोजन के माध्यम से चीन और भारत से कुल 1,854 वैध नमूने एकत्र किए गए। सर्वेक्षण में दोनों देशों के विभिन्न लिंग, शैक्षिक पृष्ठभूमि और पेशागत क्षेत्रों से संबंधित प्रतिभागियों को शामिल किया गया।

सर्वेक्षण परिणाम दर्शाते है कि यद्यपि दोनों देशों के नागरिक द्विपक्षीय संबंधों के विकास में मौजूद चुनौतियों को स्वीकार करते हैं, फिर भी अधिकांश लोग आर्थिक सहयोग को गहराने को चीन-भारत संबंधों के विकास की एक महत्वपूर्ण दिशा मानते हैं और मजबूत आर्थिक सहयोग की इच्छा प्रदर्शित करते हैं। विशेष रूप से भारतीय उत्तरदाताओं ने चीन–भारत आर्थिक सहयोग से उत्पन्न होने वाले अवसरों के प्रति उच्च स्तर की अपेक्षा व्यक्त की है।

इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और भारत दोनों देशों की जनता नागरिक-स्तरीय आदान-प्रदान के महत्व को लेकर अत्यधिक समान समझ रखती है। दोनों पक्ष जन-स्तरीय संपर्कों को अत्यंत महत्व देते हैं, युवा वर्ग के आदान-प्रदान को सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानते हैं, पारस्परिक लोगों के आवागमन की प्रबल इच्छा व्यक्त करते हैं, और वीज़ा संबंधी कठिनाइयों को प्रमुख बाधा के रूप में देखते हैं। साथ ही, दोनों देशों के उत्तरदाताओं ने चीन-भारत संबंधों के दीर्घकालिक रूप से सकारात्मक विकास की संभावनाओं को लेकर अधिक स्पष्ट अपेक्षाएँ व्यक्त की हैं।