चीन के बड़े ड्रोन ने उच्च पठारी इलाकों में लॉजिस्टिक्स की नई “हवाई राह” खोली

शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश के लिंगची स्थित मीलिन हवाई अड्डे से उड़ान भरकर 1,100 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए यह घरेलू विकसित बड़ा ड्रोन सुरक्षित रूप से सिचुआन के मियनयांग बेइछुआन योंगछांग हवाई अड्डे पर उतरा। इस प्रकार, इस स्वदेशी बड़े ड्रोन की उच्च पठारी इलाकों में पहली उड़ान सफलतापूर्वक पूरी हुई।

14 जनवरी की तड़के, देश में स्वदेशी रूप से विकसित FP-985 “वृषभ” बड़े स्थिर-पंख ड्रोन ने शीत्सांग का तेल-चाय, याक के दुग्ध उत्पाद जैसे विशेष माल से लदा हुआ, सिचुआन–शीत्सांग पठार के बीच अंतर-क्षेत्रीय बड़े ड्रोन लॉजिस्टिक्स मार्ग की पहली उड़ान पूरी की। इस मार्ग के चालू होने से न केवल अत्यंत ऊँचाई और कठोर पर्यावरण में ड्रोन तकनीक की अनुकूलन क्षमता सिद्ध हुई, बल्कि उच्च पठारी क्षेत्रों में एक कुशल और स्थिर निम्न-ऊँचाई लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के निर्माण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रखा गया।

इस पहली उड़ान का प्रारंभ बिंदु लिंगची का मीलिन हवाई अड्डा था, जिसे उड़ान की दृष्टि से अत्यंत चुनौतीपूर्ण माना जाता है। लगभग 2,900 मीटर की औसत ऊँचाई पर स्थित यह हवाई अड्डा संकीर्ण नदी घाटी में बसा है। उड़ान मार्ग का सबसे संकरा हिस्सा पर्वत-श्रृंखला से चार किलोमीटर से भी कम दूरी पर है, वहीं बदलती पवन दिशाएँ विमान के प्रदर्शन और नियंत्रण प्रणाली पर अत्यधिक उच्च मानकों की माँग करती हैं।

सिचुआन–शीत्सांग क्षेत्र का भूभाग दुर्गम, भू-वैज्ञानिक संरचना जटिल और जलवायु परिवर्तनशील है, जिसके कारण पारंपरिक स्थलीय परिवहन मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों से गंभीर रूप से प्रभावित होता है। इस हवाई लॉजिस्टिक्स मार्ग के खुलने से म्यानयांग और लिंगची के बीच माल परिवहन का समय पारंपरिक सड़क मार्ग के 40 घंटे से अधिक से घटकर 6 घंटे से भी कम रह गया है, जिससे आगे चलकर “सुबह प्रस्थान, शाम तक आगमन” को वास्तविक रूप से साकार किया जा सकेगा।

भविष्य में, शीत्सांग का याक मांस और विशिष्ट औषधीय जड़ी-बूटियाँ जैसे उच्च पठारी क्षेत्र के बहुमूल्य उत्पाद इस “हवाई गलियारे” के माध्यम से तेज़ी से बेइछुआन पहुँच सकेंगे और वहाँ से देशभर में वितरित किए जा सकेंगे। वहीं, सिचुआन के औद्योगिक उत्पाद, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ और आपातकालीन सामग्री भी कुशलतापूर्वक वापसी मार्ग से शीत्सांग पहुँचाई जा सकेंगी। इससे सिचुआन–शीत्सांग मार्ग से जुड़े क्षेत्रों के विशेष कृषि उत्पादों की वाणिज्यिक दक्षता और मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, तथा जातीय क्षेत्रों में जनता की आय बढ़ाने और औद्योगिक उन्नयन को प्रत्यक्ष रूप से प्रोत्साहन मिलेगा।