सबसे घनिष्ठ मित्रों को समर्पित ख़ाता:लालो ग्रामीण प्रखंड के पुनर्निर्माण कार्यों में जुटे निर्माणकर्मी

लालो ग्रामीण प्रखंड के धाज़ू गाँव के गांववाले निर्माण दल के सदस्यों को हाथों में ख़ाता थमाते हैं। (सीत्सांग दैनिक)
"यह ख़ाता मै अपने सबसे घनिष्ठ मित्रों को अर्पित करता हूँ, आप सभी का ह्रदय से धन्यवाद! सच में, मैंने कभी कल्पना नहीं की थी कि अपने जीवन में इतना सुन्दर घर में रहूँगा। यही पार्टी की कृपा है, और आप सभी लोगों के योगदान और परिश्रम का फल।" अक्टूबर 2025 के अंत तक, शिगात्से शहर साचा काउंटी लालो ग्रामीण प्रखंड के धाज़ू गाँव में आपदा-पश्चात पुनर्निर्माण के सभी आवास पूरी तरह से बनकर तैयार हो गया है । गांववाले बड़ी खुशी से अपने नए घरों में स्थानांतरित हो गए। गृहप्रवेश के दिन, सिदान ने निर्माण दल के सदस्यों को हाथों में ख़ाता थमाते हुए गहरी कृतज्ञता के साथ ये शब्द कहे।
शिगात्से शहर साचा काउंटी लालो ग्रामीण प्रखंड दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है, जहाँ आपदा के बाद पुनर्निर्माण का कार्य अत्यंत मुश्किल जटिल रहा। सवा गाँव पहाड़ की ढलान पर बसा है, और वहाँ आने-जाने के लिए केवल एक ही पहाड़ी सड़क है, जो ढलान में तीखी और मोड़ों से भरी हुई है। आपदा के बाद, पुनर्निर्माण के लिए निर्माण सामग्री कैसे पहुँचायी जाए, निर्माण कर्मियों को वहाँ कैसे रोका जाए और यांत्रिक उपकरणों का आवागमन कैसे पहुँचाया जाए— ये ही लालो ग्रामीण प्रखंड में पुनर्निर्माण की पहली बड़ी मुश्किलें थीं, जो लालो टाउनशिप में कार्यरत अग्रिम पंक्ति के पार्टी कैडरों और अधिकारियों के सामने खड़ी थीं।
"हमने बड़े ट्रकों से निर्माण सामग्री को पहाड़ की तलहटी तक पहुँचाया, फिर छोटे ट्रकों के माध्यम से उस जगह तक ले गए जहाँ वाहन पहुँच सकते थे, और अंत में लोगों और खच्चरों की मदद से, सामग्री को धीरे-धीरे गाँव के भीतर तक पहुँचाई।"सवा गाँव के प्रभारी अधिकारी सोरांग दोर्जी ने इस संबंध में जानकारी साझा की। सड़क की दुर्गमता को देखते हुए, प्रभारी अधिकारी ने इस घुमावदार पहाड़ी सड़क मार्ग पर कई बार माप-जोख किया और सभी संसाधनों को जुटा कर अंततः निर्माण सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित की।
निर्माण सामग्री की आपूर्ति पूरी होने के बाद, निर्माण दल को फिर नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जैसे अधिक ऊँचाई, मोबाइल सिग्नल न होना, खड़ी और जोखिम भरी पहाड़ी सड़कें, और कठिन परिस्थितियाँ। निर्माण की गति सुनिश्चित करने के लिए, पुनर्निर्माण की अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे पार्टी कैडरों ने स्वयं ही लॉजिस्टिक सहायता दल का काम संभाला। उन्होंने गाँव की पंचायत कार्यालय को निर्माण कर्मियों के आवास में परिवर्तित किया, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ मुफ्त में उपलब्ध कराईं, और दिन में तीन बार भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रदान किया। उनकी मेहनत और समर्पण ने निर्माण दल को गहराई से प्रभावित किया, और इसके फलस्वरूप परियोजना में रोज़ाना नयी प्रगति देखने को मिली।
और भी अधिक भावुक करने वाली बात यह है कि साचा काउंटी के साई ग्रामीण प्रखंड, मुला ग्रामीण प्रखंड और जीदिंग ग्रामीण प्रखंड के युवा पार्टी कैडरों ने स्वयं ही एक स्वयंसेवी सेवा टीम का गठन किया और लालो काउंटी के आपदा-पश्चात पुनर्निर्माण में मदद के लिए पहुँचे। वे लाल जैकेट पहनकर पत्थर ढोने, निर्माण सामग्री पहुँचाने और विभिन्न सहायक कार्यों में जुटे रहे, तथा लालो काउंटी के पुनर्निर्माण की अग्रिम पंक्ति में सक्रिय रहे। "आपदा के बाद पुनर्निर्माण में अपना योगदान दे पाने से, भले ही शरीर थका हुआ हो, लेकिन मन को संतोष और शांति मिलती है!" साक्या ज़िले के साई काउंटी स्वयंसेवी सेवा टीम के एक सदस्य ने अपनी कहानी बयां करते हुए कहा।