झांगझोउ परमाणु विद्युत परियोजना की दूसरी इकाई का वाणिज्यिक संचालन आरंभ
चीन राष्ट्रीय परमाणु निगम (सीएनएनसी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 जनवरी को 168 घंटे की पूर्ण-क्षमता निरंतर संचालन परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद “हुआलोंग-1” झांगझोउ परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई संख्या–2 ने औपचारिक रूप से वाणिज्यिक संचालन में प्रवेश किया। इसके साथ ही झांगझोउ परमाणु ऊर्जा परियोजना के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूर्ण होकर उत्पादन आरंभ हो गया।
“हुआलोंग-1” चीन द्वारा स्वतंत्र रूप से अनुसंधान एवं डिज़ाइन की गई, पूर्ण स्वदेशी बौद्धिक संपदा अधिकारों से युक्त तृतीय-पीढ़ी की दाबित जल रिएक्टर परमाणु तकनीक है। एक “हुआलोंग-1” परमाणु इकाई से वार्षिक लगभग 10 अरब किलोवाट-घंटे बिजली उत्पादन संभव है, जिससे लगभग 81.6 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी लाई जा सकती है। यह प्रभाव प्रति वर्ष 30 लाख टन से अधिक मानक कोयले की खपत में कमी के बराबर है। वर्तमान में “हुआलोंग-1” विश्व स्तर पर संचालित एवं निर्माणाधीन इकाइयों की संख्या के लिहाज़ से सबसे अधिक उपयोग में लाई जा रही तृतीय-पीढ़ी की परमाणु ऊर्जा तकनीक है।
झांगझोउ परमाणु ऊर्जा परियोजना “हुआलोंग-1” के बड़े पैमाने पर निर्माण की प्रारंभिक आधारस्थली है और साथ ही विश्व का सबसे बड़ा “हुआलोंग-1” परमाणु ऊर्जा आधार भी है। इस परियोजना के अंतर्गत “हुआलोंग-1” की कुल छह परमाणु इकाइयों के निर्माण की योजना निर्धारित है। वर्तमान में झांगझोउ परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई संख्या–1 और 2 वाणिज्यिक संचालन में प्रवेश कर चुकी हैं। इनमें से इकाई संख्या–1 अब तक 10.2 अरब किलोवाट-घंटे विद्युत उत्पादन कर चुकी है। इसके अलावा, इकाई संख्या–3 और 4 सिविल इंजीनियरिंग एवं स्थापना चरण में हैं, जबकि इकाई संख्या–5 और 6 के लिए प्रारंभिक तैयारियाँ सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाई जा रही हैं। परियोजना के पूरी तरह पूर्ण होने के पश्चात, इस आधार से प्रति वर्ष अनुमानतः लगभग 60 अरब किलोवाट-घंटे स्वच्छ विद्युत ऊर्जा की आपूर्ति संभव हो पायेगी।
