मनमोहक ऋतु: अल्प शीत

नमस्ते दोस्तों! मैं यात्रा-प्रेमी Sisi हूँ। नए साल की शुरुआत में हम अल्प शीत के सौर पर्व का स्वागत करते हैं। इस समय झांगजियाकौ शहर में बर्फ़ीले मौसम का माहौल अपने चरम पर है। आइए मेरे साथ इस शीतकालीन ओलंपिक शहर का अनुभव करें और बर्फ़ और हिम की इस मनोरम मुलाक़ात का हिस्सा बनें।

प्राचीन चीनी लोगों के पास प्रकृति से जुड़ी एक अत्यंत रोमांटिक काल–प्रणाली थी, जिसे "चौबीस पुष्प–पवन संदेश" कहा जाता है। इसके माध्यम से वे वसंत के आगमन का अनुमान लगाते थे। अल्प शीत के दौरान, आलूबुखारे के फूल, कमेलिया और नर्गिस क्रमशः खिलने लगते हैं। इस समय सबसे पहले खिलने वाला आलूबुखारे के फूल ही वसंत के आने का संदेश देते हैं। चीनी संस्कृति में आलूबुखारे के फूल केवल एक फूल नहीं हैं, बल्कि अडिग दृढ़ता और विपरीत परिस्थितियों में भी अटल रहने की भावना के प्रतीक माने जाते है।

अल्प शीत के आगमन के साथ सर्दियों की तीव्रता बढ़ जाती है। चीनी पारंपरिक चिकित्सा के अनुसार, ठंड के मौसम में शरीर को "ऊष्मा" प्रदान करने वाली ऊर्जा की आवश्यकता होती है। इसलिए दक्षिणी चीन में लोग सर्दी से बचाव के लिए गरमागरम चिपचिपे चावल और भेड़ के मांस का सूप खाना पसंद करते हैं। वहीं उत्तरी चीन में जमी हुई नाशपाती सर्दियों की अनिवार्य सौगात मानी जाती है—यह मानो चीन का प्राकृतिक आइस स्लश हो, जिसका प्रतीकात्मक अर्थ है:"हर साल साथ रहें, कभी जुदा न हों।"

भोजन और पेय का आनंद लेने के बाद , अब वक्त है थोड़ा शरीर को चलाने का! चीन के उत्तरी क्षेत्रों में अल्प शीत के दौरान कई नदियाँ और झीलें प्राकृतिक खेल मैदानों में बदल जाती हैं। लोग बर्फ़ पर स्केटिंग करते हैं—प्राचीन काल में इसे "बर्फ़ीला खेल" कहा जाता था। बर्फ़ पर तेज़ी से फिसलते हुए मिलने वाली आज़ादी का एहसास वाकई कमाल का होता है। देखिए! मैं इस समय झांगजियाकौ के चोंगली स्थित ताइवू स्की टाउन में हूँ।

हाल के वर्षों में पेइचिंग शीतकालीन ओलंपिक और हार्बिन एशियाई शीतकालीन खेलों के आयोजन ने चीन में बर्फ़ और हिम खेलों के तेज़ विकास को बढ़ावा दिया है। पेशेवर और आधुनिक सुविधाओं की बदौलत अब कहीं अधिक आम लोग भी इन खेलों से जुड़ पा रहे हैं और बर्फ़ की की इस जादुई दुनिया से प्यार करने लगे हैं। क्या आप जानते हैं? दुनिया भर के लोगों का बर्फ़ और हिम खेलों के प्रति प्रेम कोई नई बात नहीं है। हज़ारों वर्ष पहले ही उत्तरी यूरोप और मध्य एशिया में रहने वाले लोग स्कीइंग जैसी गतिविधियाँ करने लगे थे। 18वीं शताब्दी में स्कीइंग धीरे-धीरे आधुनिक प्रतिस्पर्धी खेल के रूप में विकसित होने लगी। लोग अलग-अलग भाषाएँ बोलते हैं, लेकिन बर्फ़ और हिम के प्रति उनका जुनून साझा है—शायद यही वह आकर्षण है, जिसके ज़रिये खेल पूरी दुनिया को जोड़ते हैं।

अल्प शीत भले ही ठंडा हो, लेकिन आशा से भरा हृदय ही सच्ची गर्माहट देता है। जैसा कि एक प्राचीन चीनी कविता में कहा गया है— "कड़ी ठंड पर अचरज न करो, वसंत और शीत का मिलन इसी महीने में होता है।" क्या आपके मन में कोई इच्छाओं की सूची है जिसे आप पूरे होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं? जल्दी से हमारे साथ अपनी इच्छा–सूची साझा करें।