किसी भी देश के साथ परमाणु हथियारों की होड़ में शामिल नहीं होगा चीन: चीनी रक्षा मंत्रालय
चीनी रक्षा मंत्रालय ने 25 दिसंबर की दोपहर को एक नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल चांग श्याओकांग ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए।
एक पत्रकार ने पूछा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पेंटागन की एक रिपोर्ट के मसौदे में दावा किया गया है कि चीन ने अपनी तीन नवीनतम मिसाइलों में 100 से अधिक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें स्थापित कर ली हैं। इस पर चीनी रक्षा मंत्रालय की क्या प्रतिक्रिया है?
चांग श्याओकांग ने कहा कि अमेरिका के पास सबसे बड़ा परमाणु शस्त्रागार है, वह परमाणु हथियारों के पहले उपयोग की परमाणु प्रतिरोधक नीति का पालन करता है, उसने लंबे समय से अपने "त्रिकोणीय" परमाणु बलों के उन्नयन में भारी निवेश किया है, और यहां तक कि परमाणु परीक्षण फिर से शुरू करने का दावा भी किया है। अमेरिका द्वारा तथाकथित "चीनी परमाणु खतरे" को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का प्रयास अंतर्राष्ट्रीय ध्यान भटकाने और अपने परमाणु बलों के त्वरित विस्तार के लिए बहाना खोजने के अलावा और कुछ नहीं है।
चीन हमेशा परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल न करने की नीति का पालन करता है, आत्मरक्षा परमाणु रणनीति को दृढ़ता से आगे बढ़ाता है, और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक न्यूनतम स्तर पर ही अपने परमाणु बलों को बनाए रखता है। चीन किसी भी देश के साथ परमाणु हथियारों की होड़ में शामिल नहीं होगा। हम अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए अपनी विशेष और प्राथमिकता वाली जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए, अपने परमाणु शस्त्रागार को और अधिक कम करे, और वैश्विक रणनीतिक स्थिरता को कमजोर करने वाली कार्रवाइयों को बंद करे।