मनमोहक ऋतु: शीतकालीन संक्रांति
नमस्ते दोस्तों! मैं यात्रा-प्रेमी Sisi हूँ। आज "डोंगज़ी", अर्थात् शीतकालीन संक्रांति का दिन है, जो उत्तरी गोलार्ध में वर्ष का सबसे छोटा दिन और सबसे लंबी रात दर्शाता है। आइए मेरे साथ "तेरह राजवंशों की प्राचीन राजधानी" शीआन की यात्रा करें, और यहाँ के सहस्राब्दियों पुराने इतिहास तथा स्थानीय जीवन की हलचल का अनुभव करें।
प्राचीन काल में, "डोंगज़ी" 24 सौर ऋतुओं की गणना का प्रारंभिक बिंदु माना जाता था, और यह एक नए चक्र की शुरुआत का प्रतीक था। जैसा कि कहावत है, "शीतकालीन संक्रांति का महत्व वसंत उत्सव के समान है।" यह दिन परिवार की एकता और मिलन का प्रतीक है, पुरानी बातों को विदा करता है और नए की ओर अग्रसर करता है।
शीआन में, "डोंगज़ी" का असली स्वाद एक भाप उड़ाते हुए गरमा-गरम मॉमोज़ (डंपलिंग्स) के कटोरे में छिपा है। उत्तरी चीन के लोग मोमोज़ खाने के शौकीन हैं। किंवदंती है कि इन कान के आकार वाले व्यंजनों को खाने से पूरे सर्दियों में कान जमे नहीं रहते— एक कटोरा मोमोज़ ठंड से बचने और शरीर को गर्म रखने की लोकबुद्धि समेटे हुए है। वहीं, दक्षिण में "डोंगज़ी" नरम और चिपचिपे तांगयुआन (चिपचिपे चावल के लड्डू) के बिना अधूरा है, जो संपूर्ण परिवार पुनर्मिलन और एकजुटता का प्रतीक हैं।
"डोंगज़ी" के साथ ही, चीन में "शुजिउ" या "नौ गिनती" की परंपरा शुरू होती है, यानी सबसे सख्त सर्दियों के दिनों में प्रवेश कर जाता है। प्राचीन लोगों ने "डोंगज़ी" के बाद आने वाले 81 दिनों को नौ-नौ के समूहों में बाँटा और "जिउजिउ"पर एक लोकगीत रचा, जो कड़ाके की ठंड से लेकर वसंत की गर्माहट तक होने वाले मौसमीय बदलाव को जीवंत रूप में दर्शाता है।
"डोंगज़ी" केवल चीन का एक महत्वपूर्ण सौर उत्सव ही नहीं है, बल्कि यह एक वैश्विक सांस्कृतिक क्षण भी है। दक्षिण कोरिया में, डोंगज़ी पर लाल चावल का दलिया खाने की परंपरा प्राचीन विश्वास "बुरी आत्माओं और आपदाओं से बचाव" से उत्पन्न हुई है। वहीं, इंग्लैंड में हर साल "डोंगज़ी" के दिन, अनगिनत पर्यटक नए पाषाण युग की जियोस्टोनहेंज स्मारक पर इकट्ठा होते हैं, जहाँ वे पत्थरों के बीच से उगते सूर्य का दृश्य देखते हैं। भले ही अलग-अलग जगहों की परंपराएँ अलग हों, लेकिन इसके पीछे प्रकाश, गर्माहट और परिवार के साथ मिलन की समान कामना छिपी है।
हल्की बर्फ़ से ढकी"महान थांग वंश की नवरात्रि नगर" (चीन के शीआन का एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल), जहाँ प्राचीन इमारतें और क्रमवार जलते हुए लालटेन मिलकर एक मनोहारी दृश्य बनाते हैं—यहाँ का "डोंगज़ी" न केवल "महान तांग वंश की समृद्धि" का प्राचीन छटा दर्शाता है, बल्कि युवा लोग हानफू (महान तांग वंश की लोकप्रिय पारंपरिक पोषक) पहनकर परेड करते हुए आधुनिक उत्सव का आनंद भी लेते हैं। "प्रकृति की चाल, मानव जीवन की राह, दिन-रात के संग चलती बात, "डोंगज़ी" में खिलती सूरज की किरणें, लाती हैं वसंत की मीठी सौगात।" आपके क्षेत्र में डोंगज़ी कैसे मनाया जाता है? कमेंट सेक्शन में अपने अनुभव साझा करें।
